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सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा करें- हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ

शिक्षक महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष पवन मिश्रा, प्रवक्ता डॉ0 मामराज पुंडीर ने हैरानी जताते हुए शिक्षा विभाग पर टीचरों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि टीजीटी की 4.9.14 की फ़िक्सेशन जो अक्तूबर 2012 से सरकारी अध्यापको को देय था परंतु शिक्षा विभाग जिस गती से अध्यापकों की फ़िक्सेशन कर रहा है इस गति से 10 साल लगेगे । हैरानी की बात है कि सरकार द्वारा जारी आदेश को दो साल पूरे होने को है परंतु शिक्षा विभाग के पास आज भी टीजीटी के हजारों केस बिना फ़िक्सेशन के पड़े है और दो साल के बाद सरकार को एसीआर की याद आ रही और दो साल तक कुंभकरण की नीद सोते रहे । शिक्षको को सिर्फ मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए डॉ0 मामराज पुंडीर ने कहा कि दो साल के बाद सरकार को याद आया कि फ़िक्सेशन के लिए एसीआर की जरूरत आज क्यो पढ़ी। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने हैरानी जताते हुए कहा कि सभी शिक्षको की एसीआर पहले ही शिक्षा विभाग में दी गई है फिर जिस कार्यालय से शिक्षको की एसीआर गाइब हुई है वहा के उप शिक्षा निदेशक को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया जाए। इस सुस्ती को दुरस्त करने की मांग करते हुए एक महीने के अंदर फ़िक्सेशन की प्रक्रिया को पूरा करे अन्यथा अधिकारियों का घेराव करने के लिए मजबूर होना पडेगा। महासंघ ने मुख्यमंत्री से मांग की कि कि शिक्षा विभाग में शिक्षको की इस आर्धिक मांग को पूरा करे और सुस्त पडे अधिकारियों पर कार्येवाही करे अन्यथा हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ आने वाले चुनाव में सरकार की नीतियो का विरोध करेगा। उप शिक्षा निदेशक कार्यालयो से टीजीटी की एसीआर गायब होने के पीछे कौन है इसकी जांच होनी चाहिए और ऐसे अधिकारियों को सस्पैंड कर उन्हे इस लापरवाही की सजा देनी चाहिए। शिक्षक महासंघ सरकार से मांग करता है दो सालो से सर्विस बूक उप शिक्षा निदेशक के कार्यालये में धूल चाट रही है और हैरानी की बात है कि 4.9.14 की फ़िक्सेशन में चापलूसी हो रही है सिर्फ उन लोगो की सर्विस बूक हो रही है जिससे दूर दराज क्षेत्रों में काम कर रहे शिक्षको को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है । हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने सरकार की उस नीति जिसमे टीजीटी यदि पीजीटी बन जाता है तो वह हैडमास्टर नही बन सकते, का विरोध करते हुए कहा की इस प्रकार के तुगलकी आदेश शिक्षको के हितो के साथ अन्याए है इसे वापिस लिए जाए। यदि जो टीजीटी में 15 साल तक सेवा करने के बाद उन्हे सिर्फ पीजीटी बनने के बाद हैडमास्टर बनने से वंचित किया जाये इसे किसी भी हालत में स्वीकार नही किया जा सकता यदि ऐसा हुआ तो शिक्षक महासंघ किसी भी हद तक जा सकते है । हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने शिक्षा विभाग पर आरोप लगाया कि सरकार दूरदराज़ क्षेत्रों में काम करने वाले एसएमसी शिक्षको को निकालने का काम कर रही है जिसे तुरंत प्रभाव से रोका जाए।

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