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सभी नर्सरीयों को पुन: क्रियाशील किया जायेगा – :भरमौरी

7 सितम्बर सोलन :वन प्रदेश की सम्पदा है इसका संरक्षण करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। प्रदेश में वनों को हरे मोत की संज्ञा दी गई है। इनसे जहां प्रदेश का पर्यावरण संतुलन बना हुआ है वहीं इनका सौन्दर्य बड़ी तादाद में बाहरी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। यह बात वनमंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने अर्की उपमण्डल के कुनिहार में प्रदेश वन निगम सीमित द्वारा आयोजित 64वें वन महोत्सव के मौके पर जामुन का पौधा लगाकर शुभारम्भ करने के बाद जनसभा में कही।

वनमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 50 प्रतिशत क्षेत्र को वनों के अधीन लाया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में 5,661 वर्ग किलोमीटर परिक्षेत्र में वन सम्पदा मौजूद है, इसमें 1**440 वर्ग किलोमीटर में दो राष्ट्रीय पार्क, 6,227 वर्ग किमी में 30 वन्य प्राणी विहार जबकि 19.17 वर्ग किमी में तीन संरक्षित वन परिक्षेत्र विद्यमान है। उन्होंने बताया कि सोलन जि़ला में 728 वर्ग किमी भूमि पर वन है।*

*वन मंत्री ने कहा कि वनों को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश की सभी नर्सियों को पुन: क्रियाशील किया गया है ताकि नर्सियों में फलदार व चैड़ी पत्ती वाले पौधों को बड़ी मात्रा में तैयार किया जा सके। वन मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने लैन्टाना घास को उखाडऩे के लिए एक नीति बनाई है और इस वर्ष 5 हजार हैक्टेयर भूमि से इसको हटाया जा रहा है जिसके लिए पांच करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बन्दरों से फसलों को बचाने के लिए जंगलों में फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं ताकि बन्दर आवासीय कालौनियों की तरफ न आए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बन्दरों की नसबन्दी भी की जा रही इसके लिए स्थानीय लोग इन्हें पकडऩे के लिए सहयोग करें।

वन मंत्री ने स्थानीय मांगों पर चर्चा करते हुए कहा कि चण्डी में वन विश्राम गृह की मुरम्मत कर इसे पुन: चालू किया जाएगा। उ**न्होंने कुनिहार विश्राम गृह में एक अतिरिक्त कमरा तथा फर्नीचर उपलब्ध करवाने की स्वीकृति भी दी। उन्होंने हाटकोट पंचायत में वन विहार के लिए वनमण्डलाधिकारी को प्राकलन तैयार करने को कहा। उन्होंने कुनिहार स्थित तालाब में मछली पालन शुरू करने तथा इसे पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए सर्वेक्षण हेतु वन विभाग के अधिकारियों को कहा ताकि इसमें पानी की उपलब्धता हर समय रहे।उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रदेश को हरा-भरा तथा जल व जमीन को बचाने के लिए अधिक से अधिक पौधा रोपण करके उनकी नियमित देखभाल भी करें। *

वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया और राष्ट्रीय बचत एवं राज्य सलाहकार बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रकाश चन्द करड़ ने भी इस मौके पर पौधा रोपण किया।*

प्रबन्ध निदेशक, वन विकास निगम के.एस. वालिया, कार्यकारी निदेशक एसके शर्मा, निर्देशक दक्षिण नागेश गुलेरिया, हाटकोट पंचायत के प्रधान राजेन्द्र ठाकुर, पंचायत समिति अध्यक्ष शकुन्तला देवी, जि़ला परिषद सदस्य निर्मला देवी, अध्यक्ष हज कमेटी दिलदार अली भट्ट, सहायक महा अधिवक्ता अनुप रतन, पंचायती राज संगठन की अध्यक्ष निलम भारद्वाज, एसडीएम एलआर वर्मा के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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