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शांता कुमार ने पंजाब में 1200 करोड़ रूपये की 6 लाख टन गेहूं बर्वाद होने पर केंदर से की शिकायत

देष में करोड़ो भूखे लोग दाने-दाने के लिए तरसत रहे और सरकार के गोदामों में 1200 करोड़ रूपये का अनाज खराब होना एक दुर्भाग्यपूर्ण
धर्मशाला(अरविन्द शर्मा )4 जनवरी 2015
हिमाचल प्रदेष के भूतपूर्व मुख्यमंत्री और कांगडा चम्बा से वर्तमान लोकसभा सदस्य षान्ता कुमार ने पंजाब में 1200 करोड़ रूपये की 6 लाख टन गेहूं बर्वाद होने के संबंध में भारत सरकार के खाद्य मंत्री को रोश भरा पत्र लिखा है। चार साल पहले खरीदी गेहूं खराब हुई। पंजाब सरकार ने भारत सरकार से उसे बेचने की अनुमति मांगी थी। अब वह गेहूं कोडि़यो के भाव से बेची जाएगी।

षान्ता कुमार ने कहा कि खाद्य निगम यह कहती है कि उनके किसी गोदाम में दो साल से अधिक का अनाज नहीं रखा है। फिर यह बर्वाद कैसे हुआ। एक बात यह कहीं जा रही है कि पजंाब सरकार ने यह गेहूं चार साल पहले भारत सरकार के लिए खरीदा परन्तु किन्ही कारणों से खाद्य निगम ने इसे नहीं उठाया।

षान्ता कुमार ने खाद्य मंत्री को याद दिलवाया कि 3 वर्श पहले संसद की वाणिज्य स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिष की थी कि कहीं भी अनाज खराब नहीं होना चाहिए । समय से पहले उसे बांट दिया जाए या बेच दिया जाए। इसके बाद भी यदि लापरवाही के कारण अनाज खराब होता है तो उसका मूल्य जिम्मेदार कर्मचारियों से वसूला जाना चाहिए।

उन्होने कहा कि वे स्वंय इस समिति के अध्यक्ष थे। तीन साल पहले दी गई इस सिफारिष को सरकार ने आज तक स्वीकार क्यों नहीं किया।

षान्ता कुमार ने कहा कि जिस देष में करोड़ो भूखे लोग दाने-दाने के लिए तरसते है और भूखमरी के कारण मौते होती है उस देष की सरकार के गोदामों में 1200 करोड़ रूपये का अनाज खराब होना एक दुर्भाग्यपूर्ण और षर्म की बात है । उन्होने खादय मंत्री से आग्रह किया है कि इसकी पूरी जांच करके दोशी लोगों को सजा दी जाएं।

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