October 17, 2017

वो अफसर जो पैसे की ही भाषा जानते हैं

: माया महा ठगनी हमजानी कबीर की इन पंक्तियों का भाव शायद माया का लालच रखने वाले सरकारी विभागों के कुछ अधिकारी नहीं समझ पा रहे हैं, तभी तो कुछ अधिकारी ऐसे काम कर जाते हैं जिनसे इन लोगों की मान प्रतिष्ठा समाज में धूल में मिल जाती है। जी हां, ऐसा ही माया का स्वाद 2011 में 8 अधिकारीयों ने चखा बहीं इस 2012 में मार्च तक ही ये आंकड़ा काफी चड़ गया है। जहां विजीलैंस एसे लोगों पर नजर बनाए रखे हैं वहीं ये लोग सुधर नहीं रहे हैं। आज हमारे समाज को भ्रष्टाचार पूरी तरह से खोखला कर चुका है। आज समाज बड़े बड़े भ्रष्टाचारीयों पर नजर बनाए रखे है पर जनता को असल में भ्रष्टाचार छोटे स्तर पर ही खा रहा है। एसे लोग जो हमारे समाज में भ्रष्टाचार फैला रहे हैं शायद ये लोग अपने परिवार की मान मरियादा और माता पिता के अरमानों को बेच कर ही एसे कारनामों को अंजाम दे देते हैं कि 500 से लेकर 1000 रू में भी जमीर को बेच डालते हैं। कुछ एसे ही रिशवतखोरों ने आज जनता को भी ये चीज सिखा दी है कि सरकारी काम बिना घूस के नहीं होते।  वीजीलैंस धर्मशाला के आंकड़ों के अनुसार 2012 मार्च तक ही रिशवत के मामले 2011 के मुकाबले काफी पकड़े गए हैं।
2011 में माया का स्वाद 8 अधिकारीयों ने चखा
विजीलैंस विभाग धर्मशाला से प्राप्त जानकारी के अनुसार सन् 2011 में रिशवत लेने के रंगेहाथों 8 मामले ट्रैप किए गए। वताते चलें कि जिसमें कांगड़ा जिले के 4 पटवारी, एक जेई,एक लोक निर्माण विभाग का कलर्क,ऊना जिले का एक पटवारी 500 रू लेता तथा चम्बा जिले का 1 एस.डी.ओ 20000 रू लेता. वीजीलैंस ने रंगे हाथों पकड़े। ये जो आंकड़े 2011 के हैं ये आंकड़े केवल ट्रैप केसीस के हैं जिन्हे विजीलैंस ने रंगेहाथों रिशवत लेते धरा इसके अलावा विजीलैंस ने रिशवत के कुछ ओर मामले भी पकड़े जो ट्रैप नहीं है मतलब जो पकड़े तो गए पर मौके पर नहीं जिन केसो में कार्यवाही हो रही है।
2012 मार्च तक पकड़े 7 केस
वीजीलैंस विभाग धर्मशाला से प्राप्त जानकारी के अनुसार मार्च 2012 तक एक केस टोकी बैरीयर पर 76000 लेते धरा,वहीं एक डोहब में 5000 रू का,2 पटवारी एक एक हजार लेते पकड़े,चामुण्डा में एक हैड कांस्टेबल 75000 लेता,एक ऊना में पटवारी एक हजार के साथ तथा चुबाड़ी में 6000 लेता एक जेई। इन आंकड़ों को देख कर ये अनुमान लगाया जा सकता है कि 2012 में यह आंकड़ा काफी हद तक बढ़ौतरी कर सकता है।
एस.पी.विजीलैंस प्रीतम सिंह ठाकुर
हम लोगों से मिलकर एक घर का माहौल देते हैं ताकि लोगों के दिमाग से जो विजीलैंस का डर है वो निकल जाए तथा खुल कर हम लोगों को ऐसे मामलों के बारे में बता सकें। इस तरह की कार्यवाही भविष्य में भी जारी रहेगी तथा रिश्वत लेने वाले लोगों पर शिकंजा कसा जाएगा। मेरी तरफ से जनता से ये आग्रह है कि ये लोग ऐसे मामलों के बारे में बिना डरे हमें बताएं ताकि हम समाज को भ्रष्टाचार मुक्त कर सकें।

 

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