Header ad
Header ad
Header ad

वैबसाइट का सर्वर होस्ट टोकोज में, स्पेन से हो रही आप्रेट

default (1)कुल्लू: कुल्लू की भांग की ऑनलाइन सेल के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। ट्रेड करने वाली वैबसाइट 2002 में बनी थी और अगस्त, 2012 में अपडेट हुई है। इस वैबसाइट की अवधि 26 अप्रैल, 2015 तक है। वैबसाइट का सर्वर होस्ट टोकोज में है। कुल्लू के एसपी का कहना है कि इस मामले की जांच तेजी से चल रही है। ट्रेड वैबसाइट से हिमाचल के सभी ऑनलाइन लिंक निकाल लिए जाएंगे। मीडिया ने खुलासा किया था कि कुल्लू की भांग के बीजों की ऑनलाइन सेल हो रही है। मलाणा सीड्ज मैन डॉट कॉम वैबसाइट के जरिए भांग के बीजों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में यूरो के हिसाब से बेचा जा रहा है। मलाणा नाम का प्रयोग करते हुए मलाणा सीड्ज मैन वैबसाइट से कुल्लू भांग बीज ऑनलाइन विदेशों में बेचा जा रहा है। कुकीज कुश किस्म के 5 बीज भारतीय रुपए के मुताबिक करीब 5 हजार रुपए अर्थात 67.25 यूरो में बेचे जा रहे हैं। वैबसाइट को खंगालने से ये राज खुल गए हैं कि मलाणा सीड्ज मैन नाम से जो वैबसाइट नैट पर लांच हुई वह बारसीलोना स्पेन से आप्रेट हो रही है, वहीं इसका पंजीकरण हुआ है। इस वैबसाइट का संचालन टॉम कैरी नाम का शख्स कर रहा है। इस वैबसाइट पर स्टॉक खत्म होने की बात कही गई है और खरीददारी करंसी यूरो में ही दर्शाई गई है। यूरोप के देशों में यूरो आस्ट्रेलिया, बेल्जियम, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड, लगजमवर्ग, पुर्तगाल और स्पेन आदि यूरो करंसी का प्रयोग किया जाता है। मणिकर्ण घाटी के मलाणा सहित ऊंचे क्षेत्रों में विदेशी किस्म की हाईब्रिड चरस की खेती केवल बीज के लिए ही की जा रही है और श्रेष्ठ किस्म का बीज होने के कारण इसे विदेशों तक किस तरह पहुंचाया जा रहा है, इसका खुलासा जांच में ही होगा।

Share

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please Solve it * *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)