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वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में सिरमौर में विकास की लिखी नई इबारत

नाहन

मुख्य संसदीय सचिव विनय कुमार एवं उपाध्यक्ष राज्य योजना बोर्ड गंगू राम मुसाफिर ने विधायक डा0 राजीव बिन्दल द्वारा जिला सिरमौर के विकास पर दिए गए वक्तव्य को आधारहीन तथा तथ्यों से परे बताया है। उन्होने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान सिरमौर जिला में विकास के सभी कार्य ठप्प पड गए थे परन्तु वीरभद्र सिंह के सत्ता सभांलने के उपरान्त आज सिरमौर विकास के क्षेत्र में अग्रणी पंक्ति में पहुंच गया है।
उन्होने कहा कि वर्तमान सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल सिरमौर जिला के लिए उपलब्धियों भरा रहा है तथा इस अवधि में नाहन शहर के लिए 72 करोड रूपये की पेयजल योजना की डीपीआर तैयार करके भारत सरकार को स्वीकृति हेतू भेजी गई। इसके अतिरिक्त नेरीपुल-सनौरा सडक के लिए 60 करोड रूपये की राशी, रेणुका की आठ सडको के लिए 40 करोड की परियोजना, सरांहा,ददाहू,पांवटा के अस्पतालों के नये भवनों के निर्माण के लिए करोडो रूपये की राशी स्वीकृत की गई। इसी प्रकार पांवटा-शिलाई-रोहडू सडक के निर्माण के लिए कफोटा में राष्ट्रीय उच्च मार्ग का उप-मण्डलीय कार्यालय खोलना, नाहन आईटीआई में प्रदेश का प्रथम कौशल विकास केन्द्र तथा पांवटा में 29 करोड से डिसास्टर रिकवरी केन्द्र स्थापित करना आने आप में बहुत बडी उपलब्धि है। उन्होने कहा कि इसी प्रकार सिरमौर जिला के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा करोडो रूपये की अनेक परियोजनाएं स्वीकृत की गई है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह प्रदेश के एक कददावर,अनुभवी एवं जनमानस के नेता है और इनकी बढती लोकप्रियता देखकर भाजपा के लोग बौखला गए है और वीरभद्र सिंह की छवि को खराब करने के लिए जानबुझ कर षडयंत्र रचे जा रहे है। उन्होने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा के बेबुनियाद आरोपों से भलिभांति परिचित है और इसका जवाब आने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिल जाएगा। विनय कुमार एवं मुसाफिर ने कहा कि धूमल परिवार सत्ता में रहते हुए भूमि घोटालों में सक्रिय तौर पर संलिप्त था। उन्होंने हिमाचलियों की भूमि को बाहरी लोगों को बेचने में कोई कोर-कसर नहीं रखी। अब, जबकि कांग्रेस आरोप पत्र में उनके द्वारा किए गए गलत कार्यों को उजागर किया गया है, तो लोगों का ध्यान बटाने के लिए अनावश्यक तौर पर शोर मचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब यह उचित समय है जब प्रेम कुमार धूमल को नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिमला में बैमलोई निर्माण परियोजना में धूमल तथा उनके परिवार की भागीदारी होने का आरोप है। उन्होने कहा कि धूमल सरकार ने रातों-रात परियोजना को स्वीकृति प्रदान की तथा मृत व्यक्तियों के नाम पर दायर आवेदनों पर बैमलोई कालोनी को जोडऩे वाले वन मार्ग के निर्माण के लिए 32 लाख रुपये जारी किए। उन्होंने कहा कि कांगेेस के आरोप पत्र में धूमल परिवार तथा उनके मंत्रियों पर गम्भीर आरोप हैं तथा धूमल, उनके परिवार के सदस्यों, मंत्रियों एवं अन्यों के खिलाफ भूमि घोटालों, जिसमें एचपीसीए होटल, बैमलोई निर्माण, अनाडेल क्षेत्र इत्यादि शामिल हैं, में शामिल होने के आरोप हैं।

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