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वीरभद्र के आरोपों को किया खारिज कहा एक ही है पैन कार्ड धूमल बोले केन्द्रीय एंजेसियां कर चुकी हैं इसकी जांच

मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि मैं वीरभद्र के द्वारा उठाये गए पैन कार्ड मामले पर बोलना नहीं चाहते थे लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि मेरे पास एक ही पैन कार्ड है और वे 1970 से इनकम टैक्स दे रहे हैं । धूमल ने कहा कि गत विधान सभा चुनावों में वमसन के चुनाव अधिकारी के समक्ष शपथ पत्र में टाईपिस्ट द्वारा पैन कार्ड का नं. गलत लिख दिया गया था और उसी समय जब मेरे ध्यान में गलती आई तो उसे ठीक करने के लिए पत्र मैने लिख दिया था धूमल ने उस पत्र की प्रति भी मीडिया को दिखाई वहीं धूमल ने बताया कि उनका पैन कार्ड नं. एएकेपीडी9964ई है और उस समय ई के स्थान पर 8 लिख गया था। उन्होंने कहा कि हैरानी तो यह है कि वीरभद्र इस मसले पर भी राजनीति कर रहे हैं जबकि इसकी शिकायत तो कुछ मित्रों ने प्रधान मंत्री कार्यालय तक की थी और केन्द्रीय एजेंसियां व इनकम टैक्स विभाग इसकी जांच भी कर चुका है । उन्होंने कहा कि जब राजनीति में बड़े पदों पर छोटे लोग हो जाते हैं तो वह छोटी ही बात करते हैं । उन्होंने कहा कि राजनीति में मर्यादा व नैतिकता स्वयं पर निर्भर करती है इसे थोपा नहीं जा सकता है ।

धूमल की कांग्रेस नेताओं को दो टूक चेतावनी
यदि सीमाएं लांघे तो ईंट का जबाब पत्थर से देंगे
भूमि खरीदना कोई भ्रष्टाचार नहीं है
वीरभद्र बताएं कि शिमला गजटीयर किसने जलाया

मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल वीरवार को कांग्रेस पर तलख नजर आए और सरकट हाऊस ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अक्रामक रूख अपनाते हुए कांग्रेस नेताओं को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने यदि सीमाएं लांघी तो ईटं का जबाब पत्थर से दिया जाएगा । धूमल ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं में एक दुसरे से आगे निकलकर आरोप लगाने की होड़ लगी हुई है । लेकिन कांग्रेस के नेताओं को तथ्यों को ध्यान में रखना चाहिए । उन्होंने कहा कि औछी राजनीति का जो क्रम वीरभद्र ने शुरू किया है उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि हमारे पास भी उनकी कई किश्तें पड़ी हैं और अब भविष्य में वह किश्तें लगातार आती रहेंगी । धूमल ने वीरभद्र के आरोप का जबाब देते हुए कहा कि उनके पुत्र ने नियमों के तहत भूमि खरीदी है और उस भूमि के बेचने से बिक्रेता भूमिहीन नहीं हुआ और बीमारी के चलते एक साल बाद उसकी मृत्यु हुई है । ऐसे में वीरभद्र सिंह किसी भी एंजेसी से इसकी जांच करवा सकते हैं । उन्होंने कहा कि राजनीति डट कर करें और यदि हमने कहीं भ्रष्टाचार किया है  तो उस मामले को सामने लाएं हम उचित कार्यवाही करेंगे । वीरभद्र सिंह महज मुद्दा बनाने के लिए चुनींदा जानकारी दे रहे हैं जो कि असत्य है । उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह जबाब दें कि शिमला का गजटीयर किसने जलाया या बदला था क्येांकि जनता में इसकी चर्चा कि किसने इसकी साजिश रची थी और कौन है वो जिसको गजटीयर बदलने या जलाने से लाभ मिल सकता था उन्होंने वीरभद्र पर आरोप दागते हुए फिर पूछा कि वह वताएं कि उनकी माता के देहांत के बाद जो जमीन सरकार को आनी थी वह उनके नाम कैसे चढ़ी और बताएं कि क्या उन्होंने यह लिखकर दिया है  कि उन्हें हिमाचल के कानून की जानकारी नहीं थी और अधिकारियेां ने गलती से भूमि उनके नाम कर दी थी । उन्होंने कहा कि वीरभद्र के विरद्ध सीडी भी उन्हीं के एक साथी द्वारा निकाली गई थी और उन्हीं की सरकार ने इसकी जांच शुरू हुई थी और स्वयं वीरभद्र व प्रतिभा सिंह ने न्यायालय में कहा था कि यह आवाज उनकी नहीं है जबकि दो फोंरेसिक लैव की रिर्पोट में साफ कहा गया है कि यह आवाज उनकी है । उन्होंने कहा कि एस एम कटवाल व मेजर मनकोटिया ही इस सीडी की जांच सीबी आई से करवाने की मांग को लेकर न्यायालय में गए हैं और स्वयं वीरभद्र जमानत पर हैं ऐसे में उन्हें दूसरों पर आरोप नहीं लगाने चाहिए । उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने ही उनके विरूद्ध चार्जशीट दी थी जिसमें ऊना के दो नेता भी शामिल थे । वीरभद्र बताएं कि यदि चार्जशीट गलत थी तो यह नेता अब कांग्रेस में पुन: क्यों हैं । उन्होंने कहा कि भूमि खरीदना कोई भ्रष्टाचार नहीं है । उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता विकास को देखकर छटपटा रहे हैं ।  और कांग्रेस के भीतर ही नेतृत्व की जंग छिड़ी हुई है । उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य विकास करवाना है और बदले की भावना से कोई भी कार्य सरकार नहीं करना चाहती है।  पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री के साथ सिंचाई मंत्री रविन्द्र रवि, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे ।

नये जिलों का गठन जनता की मांग अनुसार होगा

मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने नये जिलों के गठन पर कहा कि जनता की मांग बड़े जिलों में नये जिलों में बनाने की हो रही है । उन्होंने कहा कि जनता की मांग के अनुसार नये जिले के गठन का विचार किया जाएगा उन्होंने कहा कि अब तो खाद्य आपूर्ति मंत्री रमेश धवाला ने भी नये जिले के गठन की मांग  की  है

 

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