October 20, 2017

विद्यार्थियों को कॉरपोरल पनिशमेंट देना कानूनी अपराध: एसडीएम

कुल्लू,18 मार्च – स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए शारीरिक सजा या मानसिक प्रताड़ना (काॅरपोरल पनिशमेंट) कानूनी अपराध है और सर्वोच्च न्यायालय ने इसके लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। इन्हीं निर्देशों के आधार पर गठित उपमंडलीय स्तरीय काॅरपोरल पनिशमेंट कमेटी की बैठक मंगलवार को एसडीएम डॉ. सुरेश जसवाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक व प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक के अलावा कुल्लू के विभिन्न निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों तथा विद्यार्थियों के अधिकारों से जुड़ी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर एसडीएम डॉ. सुरेश जसवाल ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना रोकने के लिए उचित कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि हर शिक्षण संस्थान में काॅरपोरल पनिशमेंट रोकने व इसका पता लगाने के लिए सुझाव पेटियां अवश्य लगाई जाएं, ताकि पीडि़त विद्यार्थी इसकी सूचना दे सके। एसडीएम ने स्कूल प्रबंधन समितियों की बैठक नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में विद्यार्थियों से जुड़े कई अन्य अहम मुददों पर भी व्यापक चर्चा हुई। इस मौके पर उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक जगदीश, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक प्रदीप शर्मा, विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य व उपमंडलीय स्तरीय काॅरपोरल पनिशमेंट कमेटी के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।

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