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विकलांग व्यक्तियों को सही मार्गदर्शन मिलना आवश्यकः डाॅ. शांडिल

Solan 16.10.2015: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि

शारीरिक एवं मानसिक विकलांगता अभिशाप नहीं है और सही प्रोत्साहन एवं
मार्गदर्शन से विकलांग व्यक्ति जीवन की ऊंचाईयों को प्राप्त कर सकते हैं। डाॅ.
शांडिल गत सायं राष्ट्रीय दृष्टि बाधित संघ द्वारा आयोजित दो दिवसीय खेलकूद
प्रतियोगिता के समापन अवसर पर उपस्थित दृष्टिबाधित खिलाडि़यों एवं अन्य को
सम्बोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन अंतरराष्ट्रीय सफेद छड़ी दिवस के
अवसर पर किया गया।

डाॅ. शांडिल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत पर
निर्भर करती है। विकलांग व्यक्तियों ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि समुचित अवसर
एवं सहायता मिलने पर वे हर क्षेत्र की ऊंचाई को हासिल कर सकते हैं। उन्होंने
कहा कि उच्च स्तर पर पहुंचने से दृष्टिबाधित व्यक्ति को कोई नहीं रोक सकता।
विश्वविख्यात कवि मिल्टन इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने राष्ट्रीय दृष्टिबाधित संघ को विश्वास
दिलवाया कि राज्य सरकार उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी ताकि दृष्टिबाधित
भी समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी
नौकरियों में दृष्टिबाधितों के बैकलाॅग को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है
और इस दिशा में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश अक्षरशः लागू किए जायेंगे।
उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधितों के संबंध में स्थानान्तरण नीति भी मानकों
के अनुरूप ही तैयार की जाएगी।

डाॅ. शांडिल ने कहा कि दृष्टिबाधितों को प्रदत बस पास सुविधा का मामला
परिवहन मंत्री से उठाया जाएगा ताकि इन्हें दिए गए बस पास की वैधता सदैव बनी रहे।
उन्होंने कहा कि सोलन में राष्ट्रीय दृष्टिबाधित संघ को उपयुक्त भूमि प्रदान
करने की संभावनाएं तलाशी जाएगी। इस भूमि पर संघ द्वारा एक प्रशिक्षण केन्द्र
खोला जाएगा जहां दृष्टिबाधित व्यक्तियों को कम्प्यूटर एवं अन्य प्रशिक्षण प्रदान
किया जाएगा।

उन्होंने इस अवसर पर राष्ट्रीय दृष्टिबाधित संघ को अपनी ऐच्छिक निधि से 21
हजार रुपये भी प्रदान किए।

डाॅ. शांडिल ने इस अवसर पर क्रिकेट एवं शतरंज प्रतियोगिताओं के विजेताओं
को भी सम्मानित किया। दृष्टिबाधितों की इन प्रतियोगिताओं में क्रिकेट में
कुल्लू के बुधराम को दो मैचों में 137 रन बनाने में मैन आॅफ दी सिरीज का
पुरस्कार दिया गया। सर्वश्रेष्ठ बाॅलर का पुरस्कार शिमला के दयानन्द, सर्वश्रेष्ठ फिल्डर
का पुरस्कार कुल्लू के संजीव तथा सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार शिमला के संदीप
ठाकुर को दिया गया। शतरंज प्रतियोगिता में पंजाब के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी
हेमन्त शर्मा को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। हेमन्त सौ फीसदी दृष्टिबाधित
हैं। द्वितीय पुरस्कार शिमला के अनिल शर्मा को तथा तृतीय पुरस्कार कुल्लू के
राजकुमार को प्रदान किया गया।

राष्ट्रीय दृष्टिबाधित संघ के उपाध्यक्ष इन्द्र सिंह ने मुख्यातिथि का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि सोलन में आयोजित दो दिवसीय क्रिकेट एवं शतरंज प्रतियोगिता
में शिमला, कुल्लू और बिलासपुर सहित अन्य राज्यों की टीमों ने भी भाग
लिया। उन्होंने कहा कि संघ गत 45 वर्षों से दृष्टिबाधित व्यक्तियों के कल्याण
के लिए कार्यरत है। उन्होंने संघ की विभिन्न मांगे भी प्रस्तुत की। उन्होंने
कहा कि संघ का उद्देश्य दृष्टिबाधितों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना एवं
उनकी प्रतिभा को निखारना है।

संघ के सदस्य सोहन सिंह ने अंतरराष्ट्रीय श्वेत छड़ी दिवस की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1940 के आसपास डाॅ. हूवर ने इस छड़ी को विकसित किया
था। निष्ठा संस्था के अध्यक्ष संजीव सुल्टा ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे।

राष्ट्रीय दृष्टिबाधित संघ की हिमाचल इकाई के समन्वयक शोभू राम ने धन्यवाद
प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।

इससे पूर्व डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल ने सोलन एवं अर्की विधानसभा क्षेत्रों
में निर्माणाधीन विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की समीक्षा भी की। उन्होंने
लोक निर्माण, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, विद्युत एवं राज्य पथ परिवहन निगम के
अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सड़क, सिंचाई, विद्युत
एवं बस सेवाओं के बारे में चर्चा की गई।

इस अवसर पर खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष बलदेव ठाकुर, प्रवक्ता जगमोहन
मल्होत्रा, कोषाध्यक्ष सुशील चैधरी, सोशल मीडिया प्रकोष्ट के संयोजक मुकेश
शर्मा, शहरी कांग्रेस अध्यक्ष जतिन साहनी, उपमण्डलाधिकारी एकता कापटा, डीसीसी
सदस्य अजय कंवर एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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