October 21, 2017

लोक संस्कृति का संरक्षण जरूरी : लखनपाल

हमीरपुर, 2 जनवरी,  हिमाचल की लोक संस्कृति एवं परम्पराओं का
संरक्षण एवं संवद्र्धन  अत्यंत जरूरी है ताकि बदलते परिवेश में युवा पीढ़ी
पुरातन संस्कृतिक के संबन्ध में जानकारी हासिल कर सके । यह उद्गार मुख्य
संसदीय सचिव इन्द्र दत्त लखनपाल ने वीरबार को हमीरपुर के मैगनेट स्कूल परिसर
में भाषा एवं संस्कृति विभाग की दो दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारम्भ करने के
उपरान्त लोगों को संबोधित करते प्रक्ट किये।
लखनपाल ने कहा कि हिमाचल के लोक गीतों में कई ऐतिहासिक, सांस्कृतिक घटनाओं को
अत्यंत सुन्दर तरीके के साथ पिरोया गया है। इन लोक गीतों में प्रेरित प्रसंग
भी शामिल है जिनसे युवा पीढ़ी को समाज तथा माटी के साथ जुडऩे की प्रेरणा
मिलेगी।  बच्चों को इन लोक गीतों से अवगत करवाना जरूरी है क्योंकि वर्तमान दौर
में युवा पीढ़ी का पाश्चात्य संस्कृति की ओर रूझान बढ़ रहा है। अपनी संस्कृति
के संरक्षण के लिये राज्य सरकार ने भाषा विभाग के माध्यम से समय-सयम पर
संास्कृतिक कार्यक्रमों, संगोष्ठियों का आयोजन करवाया जा रहा है।  इसके साथ ही
संस्कृति के संवद्र्धन और संरक्षण के लिये हिमाचल के इतिहास के संदर्भ में
पुस्तकें प्रकाशित करने वाले साहित्यकारों और लेखकों को भाषा कला अकादमी के
माध्यम से प्रोत्साहित भी किया जा रहा है, वहीं अकादमी की ओर से उत्कृष्ट
लेखन को पुरस्कृत करने के लिये पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
इससे पहले मुख्य संसदीय सचिव ने भाषा कला एवं संस्कृति विभाग के माध्यम से
लगाई गई संास्कृतिक एवं पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन किया ।
इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने हिमाचली लोक कलाओं पर आधारित रंगारंग एवं आकर्षक
कार्यक्रम प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। मुख्यातिथि ने स्कूली बच्चों को
रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिये अपने ऐच्छिक निधि से 5100 रूपये की
धनराशि स्वीकृत की ।
जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए भाषा कला एवं
संस्कृति विभाग के माध्यम से चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी
प्रदान की गई।
इस मौके  पर सेवादल के प्रवक्ता नरेश लखनपाल, महामंत्री कमल पठानिया, , सेवादल
के ब्लाक समन्वयक योगराज कालिया, सचिव अजय शर्मा सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्ति
उपस्थित थे।

 

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