October 21, 2017

लाहौल स्पीति जिले का एक सरकारी स्कूल जो टक्कर देता है किसी कॉन्वेंट स्कूल को |

उदयपुर : जिस स्कूल के बच्चों की तस्वीर आप देख रहे हैं वो कोई कॉन्वेंट स्कूल के नहीं है बल्कि ये सरकारी सीसे स्कूल उदयपुर जिला लाहौल स्पीति के हैं जिसे हम-आप अमूमन खाकी अवस्था में ही देखते हैं।

साफ सुथरा स्कूल ड्रेस

आप इस स्कूल में आएंगे तो यह लगेगा ही नहीं कि यह कोई सरकारी स्कूल है। हर बच्चे की ड्रेस साफ सुथरी, गले में आईडी कार्ड सब कुछ बिल्कुल वैसा जैसा किसी प्राइवेट स्कूल में होता है।

आपको हर ओर सेब के पेड़,खेत और हरियाली मिलेगी। साफ सुथरा स्कूल और कान्वेंट स्कूल से बढ़िया अगर हमारे जिला लाहौल स्पीति के सभी स्कूल ऐसे हो जाएं तो शायद ही गांव और इलाके का कोई शख्स अपने बच्चों को महंगे कॉन्वेंट स्कूलों में भेजना चाहेगा।

छात्रों का जीवन हमारी जिम्मेवारी

अमूमन यह देखा जाता है कि सरकारी स्कूलों के इंचार्ज और वहां के शिक्षक साधन-संसाधन की कमी बताकर जिम्मेवारी से पल्ला झाड़ लेते हैं लेकिन स्कूल के शारीरिक शिक्षा अध्यापक विनोद तोहफा का कहना है कि छात्रों का जीवन हमारी जिम्मेदारी है। उसे सुधारने के लिए इच्छा शक्ति होनी चाहिए। कुछ भी असंभव नहीं है।

ऐसी है इस स्कूल की रसोई

इतना ही नहीं बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनका शरीर तंदरुस्त रहे इसलिए विद्यालय में खेल कूद के सामान भी उपलब्ध हैं।
इस विद्यालय में बाकी सरकारी विद्यालयों की तरह एक रसोई घर भी है लेकिन वो बाकी विद्यालयों की तरह कतई नहीं लगता। साफ सुथरे बर्तन, खाद्य पदार्थों के बंद डिब्बे और स्वादिष्ट मिड दे मील से यह एहसास ही नहीं होने देता कि हम ट्राइबल इलाके के किसी जमा दो विद्यालय में हैं।

मिलती है संतुष्टि

इस स्कूल को अब तक यहां कई पुरस्कार मिल चुके हैं। इसे जिले का सर्वेश्रेष्ठ स्कूल भी चुना गया है। यहां बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा भी दी जाती है ताकि वे जमाने के साथ कदम से कदम मिला कर चल सकें।

स्कूल के बच्चे बताते हैं कि स्कूल में इतनी सारी सुविधाओं की व्यवस्था प्रिंसिपल श्री शिव लाल गुरु जी करते हैं और मिड डे मील के लिए महेंद्र गुरु, स्पोर्ट्स और ड्रेस की व्यवस्था विनोद सर करते हैं। स्कूल के कला अध्यापक श्री हरी सिंह को निर्वाचन आयोग से राज्य स्तरीय पुरस्कार भी मिल चुका है। विनोद तोहफा ने कहा कि इससे उन्हें संतुष्टि मिलती है कि वे कुछ अच्छा कर रहे हैं।

खुद से खर्च किए रुपए

स्कूल के बहुत अध्यापक इस स्कूल को हाईटेक बनाने के लिए कई बार अपनी जेब से पैसे खर्च कर चुके हैं।
बताया गया कि इस स्कूल में बच्चों को मिड डे मील के तहत उच्च क्वालिटी का खाना मीनू के हिसाब से भी अच्छा मिलता है।

देश-प्रदेश में शीर्ष अधिकारी

उदयपुर सरकारी स्कूल से पढ़कर निकले कई विद्यार्थी देश और विदेश में शीर्ष अधिकारी हैं। स्कूल के 1987 बैच के विद्यार्थी श्री संजीव रोलबा, आजकल राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी एलीट कमांडो ट्रेनिंग सेंटर) मानेसर के कमांडेंट ऑफिसर हैं, श्री चत्तर सिंह, दुबई में एमएनसी कंपनी के टॉप मैनेजमेंट में हैं, 1990-91 बैच के राजीव ठाकुर भोपाल एमपी के नामी यूनिवर्सिटी में फिजिक्स के प्रोफेसर हैं और उनको इंडियन साइंस कांग्रेस समेत देश विदेश के रिर्सच इंस्टिट्यूट उनके रिसर्च के लिए सम्मानित कर चुके हैं।

About The Author

Himsamachar.com is an online content publishing portal. The main objective of himsamachar.com is to provide a web-based platform for users to post their content online. The focus of the portal is to publish the content that is informational for public and the visitors.

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *