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रिन्यू नहीं, फिर नीलाम होंगे ठेके

शिमला – प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति बजट सत्र के दौरान पेश की जा सकती है। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर राज्य को संसाधन जुटाने के लिए पुरानी नीति में कई कारगर संशोधन करने की एक्सरसाइज चल रही है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश को आबकारी कर के रूप में सबसे ज्यादा शराब से इन्कम होती है। यह क्षेत्र एक हजार करोड़ के करीब कर जुटाता है। सरकार ने अब आर्थिक विशेषज्ञों से सलाह मश्विरा करके पुरानी नीति में संशोधन की तैयारी की है, ताकि 200 से 300 करोड़ और अधिक इन्कम हो सके। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक इसके तहत अब शराब ठेकों का पुराने ढर्रे के तहत पुनर्नवीनीकरण (रिन्यूयल) नहीं होगा। दस वर्ष पहले जो नीलामी की जाती थी, उसी के तहत ठेकों की नीलामी होगी। इससे राज्य सरकार को अतिरिक्त आय होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कुछ अरसा पहले ही विभागीय समीक्षा बैठकों में आबकारी विभाग को लक्ष्य अर्जित न करने को लेकर फटकार लगाई थी। अब उसके नतीजे सामने आए हैं। महकमे ने मौजूदा वित्त वर्ष में 4200 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया था। इससे हटकर अब 4500 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया है। यही नहीं, कर चोरी को रोकने के लिए और अधिक कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। उधर, आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने बताया कि हिमाचल में आबकारी कर लक्ष्य से अधिक अर्जित करने में सफलता हासिल की गई है। कर उगाही की प्रक्रिया ऑनलाइन करने से यह तेजी आई है।

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