October 19, 2017

राष्ट्रीय बांस मिशन (एनबीएम) के तहत कार्यशाला सम्पन

हमीरपुर, 26 मार्च – किसानों को बांस और उसकी उपयोगिता के बारे में पूर्ण रूप से जागरूक होना होगा और इसे आजिविका के रूप में अपनाकर अपनी आर्थिकी को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देना होगा ताकि इससे अधिकाधिक लाभ अर्जित किया जा सके। यह जानकारी अरण्यपाल वन वृत्त, हमीरपुर प्रदीप ठाकुर ने राज्य बांस बृद्धि, प्रबन्धन और प्रचार के बारे में राष्ट्रीय बांस मिशन (एनबीएम) के तहत आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि बांस छोटे चक्र में वृक्षों की तुलना में अधिक श्रेष्ठ है और कम समय में बहुत तेजी से बढऩे वाला पौधा है और दो चार वर्षों के अन्तराल में इसकी कटाई हो जाती है। उन्होंने कहा कि बांस का उपयोग कागज बनाने, कृषि उपकरणों, बुनाई समान, प्लाईबुड आदि प्रयोग में लाया जाता है। उन्होंने बताया कि एकीकरण मिशन के तहत बांस विकास के लिये विभिन्न योजनाओं का विलय कर आगामी वर्ष से राट्रीय बांस मिशन, राष्ट्रीय बागवानी मिशन आदि आरम्भ की जाएंगी और इसके लिये प्रचलित दरों में भी संशोधन कर 25000 रूपये से बढ़ा कर 42000 रूपये प्रति हैक्टेयर वन भूमि के लिये और 8000 रूपये से बढ़ाकर 30000 रूपये प्रति हेक्टेयर वन रहित भूमि के लिये किया जाएगा । इस अवसर पर उन्होंने हिमाचल प्रदेश में बांस प्रबन्धन पर भी प्रकाश डाला।
इस मौके पर मुख्य अरण्यपाल एमएण्डई, हमीरपुर एसके मुसाफिर तथा नौणी विश्वविद्यालय, सोलन के डॉ भारद्वाज और ने भी वन रहित क्षेत्र में बांस विकसित करने के लिये प्रचार करने पर अपने विचार रखे। वन मण्डलाधिकारी, हमीरपुर अनिल जोशी ने हमीरपुर में वन रोपन के तहत उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हमीरपुर वन मण्डल में 2008-09 में 357 हैक्टेयर क्षेत्रफल जिसमें 171 हैक्टेयर वन भूमि और 185 हैक्टेयर वन रहित क्षेत्रफल में बांस के पौधों विकसित करने के लिये पंजीकृत संयुक्त वन प्रबन्धन समितियों के माध्यम आरम्भ किया गया है। कार्यशाला स्वयं सेवी संस्था सिबार्ट के राकेश और मास्टर ट्रेनर ने बांस से निर्मित होने वाले सज्जा सामग्री और दस्तकारी पर प्रयोगात्मक प्रदर्शन दिया। इस मौके पर डीएफओ (हैडक्वाटर), संगीता चंदेल, डीएफओ (एमएण्डई) केजेएस चंदेल, डीएफओ(वन्य) एस सी पराशर, डीएम स्टेट फॉरेस्ट कॉर्पोरेशन सुधीर सिवाल के अतिरिक्त, आरएफओ हमीरपुर, अघार, बड़सर और नादौन के अतिरिक्त वन विभाग के अन्य कर्मचारी और किसान उपस्थित थे।

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