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राज्यपाल का रोज़गारपरक शिक्षा नीति अपनाने पर बल

nnसोलन  04 सितम्बर, 2015:

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने रोज़गारपरक शिक्षा नीति अपनाने पर बल दिया है ताकि
युवाओं को शिक्षा पूरी करने के तुरन्त बाद रोज़गार के अवसर प्राप्त हो सकें।
उन्होंने कहा कि इससे काफी हद तक बेरोजगारी की समस्या के समाधान में सहायता
मिलेगी।

वह आज सोलन जिला के अन्तर्गत बद्दी यूनिवर्सिटी आॅफ इमर्जिंग साईंसिंग एण्ड
टैक्नोलाॅजी में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित एक समारोह को
सम्बोधित कर रहे थे।

राज्यपाल ने कहा कि आज के दौर में पारम्परिक गुरू-शिष्य परम्परा को बनाए रखने
की नितांत आवश्यकता है। यह समय की मांग है कि युवा पीढ़ी को हमारे देश के
समृद्ध पारम्परिक मूल्यों और सांस्कृतिक धरोहर से अवगत करवाया जाए, जो विश्व
विख्यात हैं। विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को हमारे
गौरवमयी इतिहास, समृद्ध परम्पराओं और संस्कृति का ज्ञान होना भी आवश्यक है,
जिसे स्कूली पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जाना चाहिए।

आचार्य देवव्रत ने कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों को अपने कत्र्तव्यों का
बोध होना चाहिए, तभी हमारी शिक्षा प्रणाली सुदृढ़ बनेगी। उन्होंने कहा कि
शिक्षक जहां विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए उत्तरदायी हैं, वहीं
विद्यार्थियों को भी चाहिए कि वे अपने गुरूओं का समुचित सम्मान करें और
समर्पण की भावना से शिक्षा ग्रहण करें।

उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान किया कि मादक द्रव्यों से दूर रहें और मजबूत
राष्ट्र के निर्माण में अपना भरपूर योगदान दें, क्योंकि वे देश का भविष्य हैं
और कठिन परिश्रम व समर्पण की भावना से वे अपने इस कत्र्तव्य का निर्वहन कर सकते
हैं।

राज्यपाल ने कहा कि प्रकृति ने हिमाचल प्रदेश को अनुपम सौन्दर्य से नवाजा है
और यह हमारी जिम्मेवारी है कि हम हर कीमत पर पर्यावरण का संरक्षण करें और
इस दिशा में स्वच्छता पहला कदम है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि अपने
जीवन में स्वच्छता अपनाएं और अपने आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा बनाने
में सहयोग दें। इससे पर्यटन क्षेत्र को और अधिक प्रोत्साहित करने की दिशा में
भी सफलता मिलेगी।

जैविक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए
इसे अधिक से अधिक प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। उन्होंने गाय की नस्लों
में सुधार पर बल देते हुए कहा कि इन प्रयासों से जहां किसानों की आर्थिकी
सुदृढ़ होगी, वहीं स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध होंगे।

राज्यपाल ने इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय सेवाओं के लिए कुरूक्षेत्र
विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष डा. हिम्मत सिंह सिन्हा को
सम्मानित किया।

बद्दी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. शक्ति कुमार ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों पर
प्रकाश डाला।

डा. गीतांजलि भटनागर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने इस अवसर पर देशभक्ति के गीत प्रस्तुत किए।

विधायक श्री राम कुमार चैधरी एवं श्री के.एल. ठाकुर, बद्दी विश्वविद्यालय की
प्रबन्धन समिति के सचिव श्री गौरव झुनझुनवाला, बद्दी-बरोटीवाला औद्योगिक संघ
के अध्यक्ष श्री शैलेश अग्रवाल, बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के
सी.ई.ओ. श्री ललित जैन सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर
उपस्थित थे।

 

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