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राजल-गाहलियां को मिलेंगे पीएचसी

कांगड़ा, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि वह नए जिले बनाने के पक्ष में नहीं है। उनका कहना है कि नए जिलों के बजाय लोगों की तरक्की जरूरी है। यह बात मुख्यमंत्री ने मटौर में विधायक पवन काजल द्वारा आयोजित जनसभा में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए कही। वीरभद्र सिंह ने कांगड़ा के तकीपुर में कालेज की घोषणा करते हुए कहा कि उनके द्वारा शुक्रवार को घोषित यह दूसरा कालेज है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है। उन्होंने कहा कि राजल तथा गाहलियां में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गालियां में विज्ञान कक्षाएं आरंभ की जाएंगी। उन्होंने स्थानीय विधायक पवन काजल की रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए भवन निर्माण की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया, जिसकी आधारशिला लोकसभा सांसद शांता कुमार ने रखी थी। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गाहलियां में 88.30 लाख रुपए की लागत से निर्मित विज्ञान प्रयोगशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने नालियां खड्ड पर कुल्थी-बलोल सड़क पर 83.35 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले पुल की आधारशिला भी रखी। स्थानीय विधायक पवन काजल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आशीर्वाद से करोड़ों रुपये के विकासात्मक कार्य आरंभ किए गए हैं। दौलतपुर में आईटीआई खोली गई है, जिसकी कक्षाएं गत वर्ष आरंभ हो गई हैं। उन्होंने उनके विधानसभा क्षेत्र में एक सरकारी कालेज खोलने की मांग की। इस दौरान मंत्रीगण, सीपीएस एवं सभी विभागोें के अधिकारी भी मौजूद रहे।

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