Header ad
Header ad
Header ad

यहां कई पतियों के साथ एक ही घर में रहती है पत्नी!

2015_1image_11_29_59102842011-llशिमला: हर देश, जाति और धर्म की अपनी ही परंपरा, रीति रिवाज और मान्यताएं होती हैं। इसे मनाने के अपने-अपने तरीके होते हैं हालांकि एक जाति के रिवाज दूसरी जाति को अटपटे और अजीब लग सकते हैं। भारत के हिमाचल प्रदेश में भी हर प्रथा निराली है लेकिन किन्नौर की जो खास परंपरा हम आपको बताने जा रहे हैं उसे सुनकर और देखकर आप एक बार हैरत में तो जरूर पड़ जाएंगे। किन्नौर में एक घोटुल प्रथा मनाई जाती है, जिसमें एक महिला के कई पति होते हैं। इस प्रथा का संबंध पांडवों के अज्ञातवास से जोड़कर देखा जाता है। जिस तरह पांडव भाइयों की पत्नी द्रोपदी थी उसी तरह आज भी उसी तरह बहु पति विवाह किए जाते हैं। यहां रहने वाले परिवारों में महिलाओं के कई पति होते हैं। यह पति अलग परिवार के नहीं बल्कि एक परिवार के भाई ही होते हैं। सभी भाई एक ही युवती से परंपरा के अनुसार शादी करते हैं। अगर किसी महिला के कई पतियों में से किसी एक की मौत भी हो जाए तो भी महिला को दुख नहीं मनाने दिया जाता है। शादी के बाद निभाई जाने वाली कई परंपराएं और बाद का विवाहित जीवन एक टोपी पर निर्भर करता है। अगर कोई भाई अपनी पत्नी के साथ है तो वह कमरे दरवाजे पर अपनी टोपी रख देता है और जब तक टोपी दरवाजे पर रखी है कोई दूसरा भाई उस स्थान पर नहीं जा सकता। वहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्रथा इसलिए चली आ रही है क्योंकि अज्ञातवास के दौरान पांचों पांडवों ने यही समय बिताया था। इस परंपरा में एक खास बात यह है कि यहां पुरुष नहीं बल्कि महिलाएं घर की मुखिया होती हैं। वह पति व संतानों की सही ढंग से देखभाल करती है। परिवार की सबसे बड़ी स्त्री को गोयने कहा जाता है। यहां खाने के साथ शराब अनिवार्य होती है। उदास और दुखी होने पर वह शराब और तम्बाकू का सेव करते हैं।

Share

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please Solve it * *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)