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‘मेरे कटे हाथ की फोटो खींचकर स्कूल की प्रिंसीपल को भेज देना’

2015_1image_11_30_1437479946051_kadir7-llभोपाल: एक हादसे ने इस मासूम बच्चे के  दोनों हाथ छिन लिए। इस हादसे ने आठ साल के अब्दुल कादिर के बचपन की सारी खुशियां छीन लीं। हालांकि हादसे में अपने दोनों हाथ गंवा चुके अब्दुल ने अपना हौसला नहीं खोया, और अन्य बच्चों के लिए मिसाल बना।  हादसे के 6 महीने बाद ही अब्दुल ने अपने पैरों से लिखना सीख लिया। अब्दुल कादिर के हौसले को सलाम करते हुए मप्र सरकार भी उसकी मदद के लिए आगे आई है। राज्य सरकार ने उसके कृत्रिम हाथ लगाने का पूरा खर्चा उठाने का फैसला लिया है। अब्दुल कादिर के पिता हुसैन इंदौरी ने बताया कि भोपाल में करंट लगने के कारण अब्दुल के दोनों हाथ खराब हो गए थे। जान बचाने के लिए दोनों हाथ काटने पड़े। जून 2014 में मुंबई के एक अस्पताल में उनके दोनों हाथ काटे गए। ऑपरेशन के बाद जब अब्दुल को होश आया, तो हम यही सोचकर परेशान हो रहे थे कि, जब वह पूछेगा कि हाथ कहां गए तो क्या कहेंगे? अब्दुल को होश आने के बाद उसे हाथ कटने के बारे में बताया तो वह रोया नहीं। उसने कहा, कटे हाथ की फोटो खींचकर स्कूल प्रिंसीपल को भेज दो, ताकि उन्हें यकीन हो जाए कि मैं सही में हाथ कटे होने के कारण स्कूल नहीं आ पा रहा हूं।’ अब्दुल के पिता हुसैन इंदौरी बताते हैं, ‘अब्दुल 15 मिनट में एक पेज उर्दू में लिख लेता है, वहीं गणित के सवाल भी हल कर देता है।’

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