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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जानबूझ कर देहरा में केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण को लेकर अंडग़ा डाल रहे हैं :अनुराग

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धर्मशाला, 2 जनवरी (अरविन्द शर्मा )
हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं एच.पी.सी.ए. अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने केंद्रीय विश्वविद्यालय के मुद्दे पर प्रदेश सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जानबूझ कर देहरा में केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण को लेकर अंडग़ा डाल रहे हैं तथा प्रदेश सरकार के अडिय़ल रवैये के कारण ही इसके निर्माण में देरी हो रही है। शुक्रवार को धर्मशाला स्टेडियम में पत्रकारों को संबसेधित करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए देहरा और धर्मशाला को चुना गया था। देहरा में विश्वविद्यालय का 70 फीसदी जबकि धर्मशाला में 30 फीसदी हिस्सा बनाए जाने पर फैसला हुआ था लेकिन प्रदेश में सरकार बदलने के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर देहरा की अनदेखी कर इसे धर्मशाला में ही बनाए जाने के लिए हाल ही में मंत्रिमंडल में संशोधित प्रस्ताव बनाकर इसे केंद्र को भेजने का फैसला किया है जो कि देहरा की जनता के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में वह हिमाचल भाजपा के नेताओं के साथ केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री समृति इरानी से मिले थे वहीं 10 नवम्बर 2014 को उन्होंने एक पत्र भी उन्हें सौंपा था जिसमें विश्वविद्यालय के निर्माण को लेकर पूरी स्थिति से अवगत करवाया था।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल को 7 अगस्त वर्ष 2007 को केंद्रीय विश्वविद्यालय की घोषणा हुई थी तथा 20 जनवरी 2010 को कुलपति की नियुक्ति हुई। केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए केंद्र ने 500 से 700 एकड़ जमीन की जरूरत थी जो धर्मशाला में नही बल्कि देहरा में मिली और उसकी निशानदेही भी हुई। यही नही केंद्र के पर्यावरण मंत्रालय ने भी देहरा में इस जमीन को अपनी मंजूरी दी तथा बाद में फैसला हुआ कि 70 फीसदी कैंपस देहरा और 30 प्रतिशत धर्मशाला में बनेगा लेकिन 2012 में प्रदेश में सरकार पविर्तन हुआ और एक बार फिर से विश्वविद्यालय के निर्माण को लेकर देहरा को दरकिनार कर धर्मशाला में इसके निर्माण के लिए प्रयास शुरू हो गए। उन्होंने कहा कि देहरा में विश्वविद्यालय के लिए जो जगह चुनी गई है उसमें पेड़ों का कटान काफी कम है जबकि धर्मशाला में जहां ेपड़ ज्यादा कटेगें वहीं यह सारा क्षेत्र भूकम्प की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। इन सभी परिस्थितियों के चलते उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि वह अपना अडिय़ल रवैया छोड़े तथा पूर्व के फैसले के मुताबिक ही विश्वविद्यालय का निर्माण जल्द शुरू होने दे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के साथ मिनकर काम करे ताकि खेलों को बढ़ावा मिल सके न कि मामले अदालतों में लेकर जाए।

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