October 17, 2017

’मुख्यमंत्री ने हि.प्र. उच्च न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ताओं को किया सम्मानित’

शिमला, 2 जनवरी, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं को न्यायालयों में उनके
मुवकिक्लों की ओर से पक्ष रखते हुए सुनवाई की तारीख को आगे बढ़ाने के
बजाए त्वरित न्याय प्रदान करवाने की कोशिश करनी चाहिए। मुख्यमंत्री उच्च
न्यायालय में विधिक अभ्यास के 50 वर्ष पूरे करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ताओं के
समारोह की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रायः यह देखा गया है कि ज्यादातर दीवानी मामलों में न्याय
मिलने में देरी होती है और न्याय के लिए पीढ़ी दर पीढ़ी मामला चलता रहता है।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को गतिशील बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि
आपराधिक मामलों में भी अधिवक्ताओं को अपने मुवक्लिों के लिए त्वरित न्याय
दिलाने के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं से विभिन्न मामलों में
और अधिक पेशेवर कौशल अपनाने का आह्वान किया ताकि शीघ्रता से केसों का
निपटारा सुनिश्चित हो और आम जन को समयबद्ध न्याय प्राप्त हो सके। उन्होंने
अधिवक्ताओं से अपने मुवक्किलों के प्रति और ईमानदार एवं पूर्ण निष्ठा के
साथ कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मामलों का बार-बार स्थगन
अपेक्षित नहीं होता और अधिवक्ताओं को इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था का काफी विस्तार हुआ है और
न्यायालयों में न्यायविदों के लिए अधिक स्थान की आवश्यकता है। प्रदेश सरकार
ने अनेक न्यायालय खोले हैं और सरकार अधिवक्ताओं को हर संभव सुविधाएं
उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रदेश उच्च न्यायालय के परिसर में
अधिवक्ताओं के लिए नये चैंबरों का निर्माण किया जा रहा है और प्रदेश
सरकार अधिवक्ताओं की मांग पर उनको वित्तीय सहायता देने पर सहानुभूतिपूर्वक
विचार करेगी।

मुख्यमंत्री ने उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन की मांगों पर इस वित्त वर्ष में ही
उचित निर्णय लिया जाएगा।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि मौजूदा ‘बार कक्ष’ अधिवक्ताओं की संख्या के हिसाब
से कम पड़ रहा है उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि बार कक्ष के साथ लगते
पुस्तकालय को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित कर हाल को बार कक्ष के साथ
मिलाया जा सकता है। इससे अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध होगी।

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