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मुख्यमंत्री ने चैड़ा मैदान कालेज के कला खण्ड का उद्घाटन किया

शिमला 21 सितम्बर, 2013
मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने आज शिमला के राजीव गांधी डिग्री काॅलेज चैड़ा मैदान में तीन करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कला खण्ड का उद्घाटन किया। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला फागली में 1.36 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित विज्ञान प्रयोगशाला के नए खण्ड एवं परीक्षा हाल तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लालपानी में 95.5 लाख की लागत से निर्मित विज्ञान प्रयोगशाला के नए खण्ड का भी उद्घाटन किया।
राजीव गांधी डिग्री काॅलेज चैड़ा मैदान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में एक है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए इस शैक्षणिक वर्ष से काॅलेजों में समेस्टर प्रणाली आरम्भ की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान को चरणबद्ध तरीके से आरम्भ किया गया है, जिसके तहत वर्तमान प्रणाली को समेस्टर प्रणाली में बदला जा रहा है तथा स्नातक स्तर के प्रथम वर्ष में च्वाइस बेसड क्रेडिट सिस्टम आरम्भ किया गया है। गत वर्ष 68,248 विद्यार्थियों के पंजीकरण के मुकाबले इस वर्ष 73,738 का पंजीकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वश्रेष्ठ एवं विख्यात काॅलेज समेस्टर प्रणाली को अपना रहे हैं, जो विद्यार्थियों को अध्ययन कार्य में व्यस्त रखने में कारगर साबित हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से आहवान किया कि वे अपना अधिकांश समय शिक्षा कार्यों में लगाएं और ज्ञान अर्जित करें, क्योंकि कड़ा परिश्रम एवं शिक्षा ही भविष्य को सुरक्षित बनाती है।
श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिक मूल्य एवं राष्ट्रीयता की भावना को पैदा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान की प्रस्तावना न केवल प्रधानाचार्यों के कक्ष में ही प्रदर्शित होनी चाहिए, बल्कि काॅलेज के प्रत्येक कक्षा में इसे दर्शाया जाना चाहिए ताकि विद्यार्थी इसके महत्व को जान सके। उन्होंने कहा कि उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है, जिसका उन्हें अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए, क्योंकि कई विद्यार्थियों को विभिन्न कारणों से यह अवसर प्राप्त नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को राजनीति से दूर रहकर अपना सम्पूर्ण ध्यान पढ़ाई में लगाना चाहिए। काॅलेज चुनावों के पश्चात राजनीति की बजाय सर्वाधिक अंक प्राप्त करना लक्ष्य होना चाहिए, क्योंकि शिक्षा ही उनके भविष्य को सुरक्षित बना सकती है। प्रदेश सरकार ने राज्य के दुर्गम एवं दूरदराज के क्षेत्रों में काॅलेज आरम्भ किए हैं ताकि गांवों में रहने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की सुविधा मिल सके।
श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि राजकीय डिग्री काॅलेज संजौली उनके पूर्व कार्यकाल के दौरान सर्वश्रेष्ठ काॅलेज बना। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले में एक सर्वश्रेष्ठ काॅलेज आरम्भ किया जाएगा ताकि उत्कृष्ट विद्यार्थियों को यहां प्रवेश मिल सके।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार और काॅलेज एवं स्कूल खोले जाएंगे, क्योंकि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को उनके घरों के निकट गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने पर बल दे रही है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लालपानी में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्कूल शिमला शहर का सबसे पुराना सरकारी स्कूल है, जहां कई उत्कृष्ट विद्यार्थी निकले हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में उन्होंने इस स्कूल के कला खण्ड की आधारशिला रखी थी तथा पुराने भवन के जीर्णोंद्धार का कार्य भी किया गया। उन्होंने कहा कि इस स्कूल को आदर्श स्कूल बनाया जाएगा तथा यहां स्थापित खेल के मैदान को विस्तार दिया जाएगा, जिसके नीचे बहुद्देशीय हाॅल का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस स्कूल में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातीय विद्यार्थियों के लिए छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों के लिए 20 हजार रुपये देने की भी घोषणा की।
इससे पूर्व, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला फागली में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है और वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार प्रदेश की साक्षरता दर बढ़कर 83.78 प्रतिशत हो गई है। इस स्कूल में अगले शैक्षणिक वर्ष से वाणिज्य की कक्षाएं भी आरम्भ की जाएंगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को स्कूल परिसर के चारों और कंटीली तारें लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों के लिए 2. हजार रुपये देने की भी घोषणा की।
मुख्य संसदीय सचिव, शिक्षा श्री नीरज भारती ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों छुई हैं और सरकार शैक्षणिक संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि स्कूल व कालेज स्तर पर गणित, विज्ञान व व्यावसायिक विषय आरम्भ किए जा रहे हैं।
शिमला नगर निगम के उपमहापौर श्री टिकेंद्र पंवर, पूर्व महापौर एवं प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के सदस्य श्री हरीश जनार्था, शिमला एवं किन्नौर एपीएमसी के उपाध्यक्ष श्री महेन्द्र स्तान, विपणन बोर्ड के सलाहकार श्री अजय श्याम, उपायुक्त श्री दिनेश मल्होत्रा, निदेशक, उच्च शिक्षा श्री दिनकर बुराथोकी, लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर श्री डी.के. गुप्ता, चैड़ा मैदान कालेज की प्रधानाचार्य श्रीमती उमा रणदेव, लालपानी स्कूल के प्रधानाचार्य श्री संजय मेहता और फागली स्कूल की प्रधानाचार्य डाॅ. वीना शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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