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मुख्यमंत्री द्वारा राज्य एयरपोर्टों के विस्तार एवं आधुनिकीकरण का आग्रह

मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री अजीत सिंह से भेंट कर राज्य के सभी एयरपोर्टों के विस्तार एवं आधुनिकीकरण का मामला उठाया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से शिमला एयरपोर्ट की हवाई पट्टी को विस्तार देने का आग्रह किया, जिससे राज्य में बड़े विमानों के उतरने की सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने हवाई पट्टी की वास्तविक लम्बाई को समय सीमा में बहाल करने के लिए विमानन प्राधिकरण को पर्याप्त बजट उपलब्ध करवाने का भी आग्रह किया ताकि शीतकालीन पर्यटन मौसम से पूर्व एयरपोर्ट से सामान्य उड़ानें भरीं जा सकें।
श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि भूमि कटाव के कारण इस हवाई पट्टी की वास्तविक लम्बाई 4100 फीट से कम होकर 3800 फीट रह गई है, जिसके कारण वर्तमान में पूर्ण लोड के साथ एटीआर एयरक्राफ्ट उड़ान नहीं भर सकता। भारतीय विमानन प्राधिकरण ने हवाई पट्टी की वास्तविक लम्बाई को बहाल करने की योजना तैयार की है, जो लोड की समस्या को भी कम करेगी। उन्होंने हवाई पट्टी की वास्तविक लम्बाई को बहाल करने में प्रदेश सरकार की ओर से सभी अधोसंरचना एवं अन्य सहयोग उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव रखा।
मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट के विस्तार तथा हवाई पट्टी की लम्बाई को कम से कम 600 फीट बढ़ाने का आग्रह किया, जिससे बड़े विमान शिमला एयरपोर्ट में सुरक्षित उतारे जा सकें।
श्री वीरभद्र सिंह ने कुल्लू एयरपोर्ट को विस्तार देने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भारतीय विमानन प्राधिकरण के साथ परामर्श कर आईआईटी रूड़की के माध्यम से इसका व्यावहारिक अध्ययन करवाया है। इसके अनुसार कुल्लू एयरपोर्ट को विस्तार दिया जा सकता है और इस अध्ययन को केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। उन्होंने कुल्लू एयरपोर्ट की विस्तार योजना के लिए पर्याप्त धनराशि आबंटित करने का आग्रह भी किया।
मुख्यमंत्री ने शिमला, कांगड़ा तथा कुल्लू एयरपोर्टों में आधुनिक तकनीक एवं उपकरण स्थापित करने का आग्रह किया ताकि बड़े विमान हर मौसम में यहां उतर सकें। उन्होंने हवाई यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा के दृष्टिगत इस सम्बन्ध में निर्धारित समयावधि में कार्रवाई ही करने का आग्रह किया।
उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से राज्य में ‘लार्ज बाॅड्डि फिक्सड विंग एयरक्राफ्ट’ को उतारने के लिए अधोसंरचना सुविधाएं विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने
कहा कि प्रदेश सरकार ने भारत विमानन प्राधिकरण को सोलन जिले के कण्डाघाट में नए एयरपोर्ट के लिए व्यावहारिक अध्ययन करवाने का प्रस्ताव प्रेषित किया है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से आग्रह किया कि वह भारतीय विमानन प्राधिकरण को बड़े आधुनिक एयरपोर्ट को स्थापित करने के लिए नए स्थान को चिन्हित करने के निर्देश दें ताकि प्रदेश में हवाई सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।
श्री वीरभद्र सिंह ने उत्तर-पश्चिमी राज्यों की तर्ज पर राज्य में एयर इंडिया के छोटी एयरक्राफ्ट सेवाएं आरम्भ करने तथा प्रदेश में सस्ती एवं भरोसेमंद हवाई सेवाएं उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने लेह एयरपोर्ट की तर्ज पर लाहौल स्पीति जिला के काजा में एयरपोर्ट के निर्माण का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि काजा एयरपोर्ट आर्थिक एवं तकनीकी रूप से लेह एयरपोर्ट के मुकाबले अधिक व्यावहारिक होगा। इसके अलावा, यह प्रदेश के समूचे जनजातीय एवं बर्फ से ढके क्षेत्रों, जहां पर्यटन की अपार क्षमता मौजूद है, में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने में सहायक होगा।
श्री अजीत सिंह ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों के साथ प्रदेश में सभी एयरपोर्टों के विस्तार एवं आधुनिकीकरण पर विस्तृत विचार-विमर्श करेंगे। उन्होंने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय राज्य में भरोसेमंद एवं सस्ती हवाई सेवाएं सुनिश्चित बनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय राज्य में छोटे एयरक्राफ्ट की निजी हवाई सेवाओं की संभावनाओं का भी पता लगा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए कार्य किया जाएगा।
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