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मुख्यमंत्री द्वारा बद्रीपुर में आपदा डाटा रिकवरी केंद्र का लोकार्पण

शिमला 18 सितम्बर, 2013

मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने विधिक अधिकारोें के मामले को मजबूती के साथ केंद्र सरकार एवं पड़ौसी राज्यों के साथ उठाएगी। उन्होंने कहा कि हालांकि हिमाचल प्रदेश के अपने पड़ौसी राज्यों के साथ सदैव ही सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं, किन्तु जहां तक अपने अधिकारों एवं विकास के मामलों का प्रश्न है तो इस दिशा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह बात आज सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में कही।
इससे पूर्व, उन्होंने बद्रीपुर में 29.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के आपदा डाटा रिकवरी केंद्र का लोकार्पण किया। उन्होंने पांवटा साहिब में 70 लाख रुपये की लागत से निर्मित हिमाचल प्रदेश चैम्बर आॅफ कामर्स के नवीन परिसर का लोकार्पण भी किया।
श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का भाखड़ा एवं पौंग बांध परियोजनाओं में कानूनन हिस्सा तथा विस्थापितों का पुर्नवास जैसे मामले पिछले काफी समय से लंबित पड़े हैं। किन्तु यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद भी राज्य को अपना हिस्सा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी स्तरों पर इस संबंध में अपना विरोध जताएगी ताकि प्रदेश अपने अधिकारों से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पड़ौसी राज्यों के दबाव में प्रदेश को दिए गए विशेष आर्थिक पैकेज को निर्धारित समयावधि से काफी पहले वापस ले लिया। इससे प्रदेश में औद्योगीकरण की गति प्रभावित हुई। प्रदेश सरकार औद्योगिक पैकेज की बहाली के लिए सतत प्रयासरत है ताकि प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति बढ़ाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए उद्यमियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, शांतिपूर्ण वातावरण तथा दक्ष श्रम शक्ति की उपलब्धता जैसे उत्साहजनक कारक मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि चण्डीगढ़-कालका-बद्दी रेल मार्ग की तर्ज पर पांवटा साहिब और सहारनपुर के मध्य रेल लाईन निर्माण का मामला केंद्रीय रेल मंत्री से उठाया जाएगा ताकि औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके।
श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सोलन जिले के बद्दी में 1.25 करोड़ रुपये की लागत से टूल रूम निर्मित किया जाएगा। यहां प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऊना, कांगड़ा तथा सोलन जिलों में नए औद्योगिक क्षेत्र

विकसित किए जा रहे हैं तथा पांवटा साहिब में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध करवाई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्यमियों को उद्योग इकाइयों की स्थापना के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। हिमाचलवासियों को सभी स्तरों पर 70 प्रतिशत रोजगार उपलब्ध करवाना भी सुनिश्चित बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पांवटा साहिब स्थित आपदा डाटा रिकवरी केंद्र सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण साबित होगा और इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटेड की दक्षता एवं उत्पादकता में सुधार लाना होगा। इस केंद्र को शिमला स्थित डाटा केंद्र के साथ जोड़ा गया है और आपदा प्रबंधन की स्थिति में समूची सूचना प्रौद्योगिकी प्रक्रिया को इस केंद्र में स्थानांतरित कर दिया जाएगा ताकि राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के सभी कार्यालयों में आईटी सेवाएं निर्बाध जारी रहें और उपभोक्ता भी इनका लाभ उठा सकें। इससे प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटेड को एचटी उपभोक्ताओं को आॅटोमेटिड कंप्यूटरीकृत बिल उपलब्ध करवाने में सहायता मिलेगी तथा अधिक नुकसान में जाने वाले फीडरों की पहचान भी होगी।
मुख्यमंत्री ने बाद में माजरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पुलिस अधिकारों को निर्देश दिए कि श्री रेणुकाजी विधानसभा उप-चुनाव में आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि उन दोषी अधिकारियों के विरूद्ध भी कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने गंभीर उल्लंघन के बावजूद भी मामला दर्ज नहीं किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल उन्हीं औद्योगिकी इकाइयों को स्वीकृत करेगी जो राज्य सरकार द्वारा तय मानकों और शर्तों का पालन करेंगे। कृषि क्षेत्र की कीमत पर उद्योगों को स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी क्योंकि कृषि प्रदेश के लोगों का मुख्य व्यवसाय है।
मुख्यमंत्री का जिले के विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया।
पूर्व विधायक श्री कुश परमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा हिमफैड के अध्यक्ष श्री अजय बहादुर सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
ऊर्जा एवं कृषि मंत्री श्री सुजान सिंह पठानिया, मुख्य संसदीय सचिव श्री विनय कुमार, विधायक श्री किरनेश जंग, हिमाचल प्रदेश राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री गंगू राम मुसाफिर, निदेशक उद्योग श्री मोहन चैहान तथा अन्य भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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