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’मुख्यमंत्री का बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए रूसा अपनाने का आग्रह ’

3मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे राज्य में बेहतर

शैक्षणिक माहौल के लिए रूसा को अपनाएं। उन्हांेने विद्यार्थी संगठनों, जो कुछ
राजनीतिक दलों के बहकावे में आकर रूसा प्रणाली के विरूद्ध शोरगुल कर रहे हैं,
से आग्रह किया कि वे उनके बहकावे में न आएं। मुख्यमंत्री आज यहां सिरमौर
विद्यार्थी कल्याण संगठन के मिलन समारोह ‘प्रयास’ की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे
थे।

मुख्यमंत्री ने संगठन द्वारा इस मौक़े को अपना वार्षिक समारोह आयोजित करने के
प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के मिलन समारोह हमारी समृद्ध
संस्कृति और परम्पराओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे समारोह विभिन्न समुदायों के मध्य सौहार्द को मज़बूत
करने में भी योगदान देते हैं और व्यस्त समय से कुछ क्षण निकालकर हमें आपस
में मेल-जोल और खुशी मनाने का अवसर प्रदान करते हैं।

श्री वीरभद्र सिंह ने विद्यार्थियों से अपने रीति-रिवाजों और संस्कृति को
संजोए रखने का आहवान् किया और पाश्चात्य संस्कृति और सभ्यता से दूर रहने
को कहा, हालांकि प्रत्येक सभ्यता, परम्परा, भाषा और संस्कृति की अपनी
विशेषता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोग अपनी सदियों पुरानी
परम्पराओं और रीति-रिवाजों से जाने जाते हैं और इनका संरक्षण किसी भी
कीमत पर करना हम सबकी जि़म्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देव भूमि के नाम से जाना जाता है और
यहां के लोगों का जीवन उनके देवी-देवताओं के ईर्द-गिर्द घूमता है।
उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं में श्रद्धा और विश्वास का यह संदेश हमें अपनी
भावी पीढि़यों तक पहुंचाने की आवश्यकता है।

श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि आज हमारा राज्य प्रथम मुख्यमंत्री डाॅ. यशवंत सिंह
परमार द्वारा रखी गई मज़बूत नींव के कारण बेहतर स्थिति में है। उन्होंने कहा
कि प्रदेश को पूर्ण राज्यत्व का दर्जा दिलाने के लिए डाॅ. परमार के योगदान को
हम कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि डाॅ. परमार के प्रयास और पूर्व
प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और श्रीमती इंदिरा गांधी के स्नेह से हमारे
राज्य को अलग पहचान और दर्जा हासिल हुआ। उन्होंने कहा कि तब से लेकर हिमाचल
प्रदेश ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और देश में पर्वतीय विकास में एक आदर्श
के रूप में उभरकर सामने आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट स्थान पर है

और विद्यार्थियों को उनके घर-द्वार के नज़दीक गुणात्मक शिक्षा सुनिश्चित
करवाई गई है। उन्होंने कहा कि जि़ले के कुल 7 काॅलेजों में से 6 काॅलेज
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में खुले हैं। इसके अतिरिक्त विश्व बैंक की सहायता से
डेढ़ सौ करोड़ रुपये की लागत से कुमारहट्टी-नाहन सड़क का निर्माण कांग्रेस के
कार्यकाल में किया गया। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने प्रदेश के लिए
आईआईएम स्वीकृत किया और सरकार ने इस संस्थान को सिरमौर जि़ले के
धौलाकुआं में खोलने का निर्णय लिया है, क्योंकि यह स्थान बेहतर रूप से
सड़क नेटवर्क से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सिरमौर जि़ले में एक मेडिकल काॅलेज
भी खोला जाएगा, जिसके लिए 190 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को
पुरस्कार भी वितरित किए। उन्होंने अपनी ऐच्छिक निधि से सिरमौर कल्याण सभा
को 35,000 रुपये देने की घोषणा की।

रोज़गार सृजन और संसाधन संग्रहण समिति के अध्यक्ष श्री हर्षवर्धन चैहान ने
कहा कि मुख्यमंत्री को सिरमौर जि़ले के लोगों से विशेष स्नेह है और
सिरमौर जि़ले के विकास को सुनिश्चित बनाने के लिए इस मौक़े पर उनके साथ
होने के लिए समस्त सिरमौर वासी मुख्यमंत्री के ऋणी है। उन्होंने कहा कि ऐसा
देखा गया है कि मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह के कार्यकाल के दौरान सिरमौर जि़ले
को विशेष तवज्जो दी गई है। उन्होंने सिरमौर जि़ले में कांग्रेस के कार्यकाल
के दौरान विभिन्न उपलब्धियों का ब्यौरा दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री से शिमला
में सिरमौर भवन का निर्माण करने का भी आग्रह किया।

इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।

इससे पूर्व, एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री मनोज शर्मा, महासचिव श्री रामचंद्र और
चेयरमैन श्री मोहन पुंडीर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

हि.प्र. फुटबाॅल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री पृथ्वी विक्रम सेन ने भी मुख्यमंत्री का
स्वागत किया।

शिलाई कांग्रेस के महासचिव श्री जगत राम शर्मा, सिरमौर जिला परिषद के सदस्य श्री
दलीप चैहान, हि.प्र. उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री यशवर्धन चैहान
तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

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