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’मुख्यमंत्री का प्रदेश में अधिक रोजगारोन्मुखी सूक्ष्म और खादी एवं ग्रामोद्योग स्थापित करने पर बल ’

 

मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश में अधिक रोजगारोन्मुखी कम निवेश की
आवश्यकता वाले सूक्ष्म और खादी एवं ग्रामोद्योग स्थापित करने की संभावनाओं
को तलाशने पर बल दिया। मुख्यमंत्री सोमवार शाम हि.प्र. राज्य औद्योगिक विकास
निगम, हि.प्र. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, हि.प्र. हथकरघा एवं हस्तशिल्प निगम,
हि.प्र. भवन एवं सन्निर्माण कामगार बोर्ड और हि.प्र. सामान्य उद्योग निगम के
सदस्यों और मनोनीत प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न है और सूक्ष्म
तथा ग्रामोद्योगों की कच्चे माल की मांग को पूरा करने के सभी संसाधन यहां
मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इन उद्योगों की स्थापना के लिए न केवल कम निवेश
की आवश्यकता होती है, बल्कि इससे स्थानीय युवकों को रोजगार के अवसर भी
प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की आर्थिकी बढ़ाने के लिए स्थानीय
तौर पर तैयार उत्पाद के विपणन के लिए विपणन अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के
प्रयास किये जा रहे हैं।

श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में रेशम उद्योग गतिविधियों के अतिरिक्त
हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि उद्यमी विकास कार्यक्रम, औद्योगिक जागरूकता कार्यक्रम तथा
औद्योगिक जागरूकता कार्यशालाओं के माध्यम से स्थानीय कारीगरों व भावी
उद्यमियों को प्रशिक्षण उपलबध करवाने, मार्गदर्शन, नीति-निर्माण, उत्पादकता के
सुधार व सूचना का प्रसार जैसी औद्योगिक प्रोत्साहन गतिविधियां, ग्रामीण
शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने में सहायक सिद्ध होंगी।
इन गतिविधियों से लोग अपने उद्यम लगाने के लिए भी प्रोत्साहित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण कारीगरों की कुशलता को निखारने तथा उन्हें
प्रोत्सोहित करने के लिए ग्रामीण उद्योग कार्यक्रम अपनाए जाने चाहिए, ताकि उन्हें
अपने ट्रेड में आजीविका कमाने के लिए तैयार किया जा सके।

उन्होंने बीते दो वर्षों में हि.प्र. राज्य विकास निगम की उपलब्धियों पर
संतोष व्यक्त किया। निगम ने लगभग 1.80 करोड़ रूपये का लाभांश सरकार को
दिया है और 10 करोड़ रूपये का सकल लाभ अर्जित करने के अतिरिक्त 7.50 करोड़
रूपये के ऋण की वसूली दर्ज की है। उन्होंने ई-खरीद और ई-टेंडरिंग आरंभ
करने के लिए भी निगम की सराहना की। उन्होंने हि.प्र. भवन एवं सन्निर्माण
कामगार कल्याण बोर्ड की भी लाभ दर्ज करने पर प्रशंसा की।

श्री वीरभद्र सिंह ने औद्योगिक क्षेत्रों में नये श्रमिक होस्टल खोलने के निर्देश

दिए। उन्होंने शिमला मंे स्थित श्रमिक होस्टल को पुनः आरंभ करने के भी
निर्देश दिये।

उद्योग मंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री ने विभाग की विकासात्मक गतिविधियों का
उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने असंगठित क्षेत्र में कार्यरत 7 लाख
कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन किया है।

उन्होंने कहा कि भूमि उपयोग के बदलाव के शुल्क में कटौती का निर्णय
उद्यमियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाईयों के
लिए फलोर एरिया रेशो (एफ.ए.आर.) को बढ़ाया गया है। 250 से 500 वर्ग मीटर
क्षेत्र वाले लघु उद्योगों के लिए फलोर एरिया रेशो को .50 से बढ़ाकर 1.75
किया गया है। सेवाओं/हल्के उद्योग जिनका क्षेत्र 501 से 1000 वर्ग मीटर तक है, के
लिए फलोर एरिया रेशो को .50 से बढ़ाकर 1.50 किया गया है। 5 हजार वर्ग मीटर
से अधिक क्षेत्र वाले बड़े और भारी उद्योगों के लिए फलोर एरिया रेशो को
.60 से बढ़ाकर 1.00 किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को
निवेशकों का पसंदीदा स्थल बनाने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि इससे
प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होने के साथ-साथ
प्रदेश की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी।

श्री अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हस्तशिल्प उद्योग को बड़े स्तर पर
प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने बाजार के मांग के अनुरूप अधोसंरचना विकास,
कौशल उन्नयन, डिजाईन तथा उत्पाद विकास की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि
कारीगरों को अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिले और उनके लिए बाजार उपलब्ध
हो। प्रदेश सरकार के सतत प्रयासों से हस्तशिल्प क्षेत्र में व्यापक विकास हुआ है
और अब यह उद्योग मशीनी उत्पादों के समक्ष प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के योग्य
है।

हि.प्र. भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री हरदीप सिंह
बावा, राज्य औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री अतुल शर्मा ने भी इस अवसर पर
अपने विचार रखे और मुख्यमंत्री से हि.प्र. राज्य औद्योगिक विकास निगम के माध्यम
से सीमेंट आपूर्ति की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने निगम की
उपलब्धियों का भी विस्तृत ब्योरा दिया। श्री शर्मा ने कहा कि निगम के पास 13
विभागों, बोर्डों और निगमों के 600 करोड़ रूपये से अधिक धनराशि के
कार्य हैं। उन्होंने कहा कि विभाग ने ऊना जिले के पंडोगा और कांगड़ा जिले
के कंदरौरी में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट
तैयार की है और यह स्वीकृति के अंतिम चरण में है।

युवा कांग्रेस अध्यक्ष श्री विक्रमादित्य सिंह, एपीएमसी के अध्यक्ष श्री सुभाष मंगलेट,
एपीएमसी शिमला एवं लाहौल-स्पीति के अध्यक्ष श्री महेंद्र स्तान के अतिरिक्त हि.प्र.
खादी बोर्ड और हि.प्र. सामान्य उद्योग निगम के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष इस अवसर पर
उपस्थित थे। .

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