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मंडी से मनाली तक होंगे बेघर

सैंज, राष्ट्र की महत्त्वाकांक्षी सड़क प्रोजेक्ट कीरतपुर-मनाली से प्रदेश के लोगों को विस्थापन का अंधेरा देने जा रहा है। हालांकि केंद्र सरकार ने अभी तक अधिसूचना जारी नहीं की है, लेकिन विस्थापित होने वाले ग्रामीणों ने अपनी मातृभूमि से विदाई की तैयारी जरूर शुरू कर दी है। सड़क प्रोजेक्ट से घाटी में कितनी तबाही होगी और कितने लोग विस्थापित होंगे, इस बारे में विभाग ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। किंतु इतना जरूर है कि देश हित में बनाए जा रहे इस महत्त्वपूर्ण सड़क प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार से क्लीन चिट मिलने के बाद मंडी से मनाली तक सैकड़ों परिवारों का विस्थापित होना तय है। नेरचौक से मनाली तक दूसरे चरण में बनाए जा रहे इस फोरलेन सड़क से जहां ग्रामीण सरकार के पैसों से लखपति बनेंगे, वहीं सैकड़ों परिवारों के अरमान भी टूटेंगे। सड़क प्रोजेक्ट से सबसे ज्यादा प्रभाव कुल्लू मंडी की सबसे बडे़ कारोबार स्थल टकोली की सब्जी मंडी पर पड़ेगा, जो कि फोरलेन की आहुति चढ़ने जा रही है। नेशनल हाई-वे अथारिटी के रोड मैप में टकोली की सब्जी मंडी के बीचोंबीच हजारों गाडि़यां अब 80 किलोमीटर की रफ्तार से दनादन दौड़ेंगी। यहां के लोग इसे देश की तरक्की के लिए अच्छा प्रयास तो मानते हैं। हाइडल प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य के चलते हजारों युवाओं को रोजगार मिला है, लेकिन युवाओं को अब फोरलेन सड़क प्रोजेक्ट के माध्यम से रोजगार की आस है। बेरोजगार सभा के प्रधान हेतराम शर्मा कहते हैं कि घाटी के बेरोजगार युवा भूतल परिवहन मंत्रालय द्वारा बनाए जा रहे फोरलेन सड़क प्रोजेक्ट में काम करने के लिए तैयार हैं। सड़क निर्माण से सीधी मार किसानों की उपजाऊ भूमि पर पड़ेगी। केंद्र सरकार की पहल और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के ग्रीन सिग्नल से कुल्लू मनाली व मंडी में कई औद्योगिक, धार्मिक व सार्वजनिक स्थान फोरलेन सड़क की आहुति चढ़ने वाले हैं। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने इसका खाका तैयार कर लिया है।

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