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बौद्ध समुदाय की मात्री भाषा भोटी भाषा को संविधान के आठवी सूची में सम्मिलित करने की मांग

DSCN9841भारतीय हिमालय क्षेत्र की बौद्ध समुदाय की मात्री भाषा भोटी भाषा को संविधान के आठवी सूची में सम्मिलित करने की मांग अब सम्पूर्ण बौद्ध समुदाय में जोर पकडने लगी है। बौद्ध समुदाय की 1975 से लम्बित मांग पर आज कबाईली जिला लाहौल स्पीति के मुख्यालय केलंग में एक शांति रैली का आयोजन किया गया । बौद्ध विधा संरक्षण सभा एवं लाहौल महा बौद्धी सभा के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस रैली में घाटी के विभिन्न युवा एवं महिला मंडलों समेत, ग्रामवासी, जनप्रतिनिधि एवं स्वंयसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कडाके की ठंड के बावजूद जोर-षौर से भाग लिया । रैली के मध्य समुचा केलंग नारों की गूंज से गुंनजाईमान हुई । रैली को सम्बोधित करते हुए बौद्ध विधा संरक्षण सभा के संरक्षक एवं जिला पार्षद रिगजिन समफेल हायरपा ने कहा कि भोटी भाषा भारत के सम्पूर्ण हिमालय वासियों की मातृभाषा है, तथा इस भाषा का इतिहास 1300साल पुराना एवं समृद्व है यह भाषा हिमालय क्षेत्र के लोगों की जीवन पद्वति है। हायरपा ने कहा कि आजादी के 67 वर्ष वीत जाने के बावजूद हमारी मात्री भाषा को मान्यता न देना हमारे मौलिक अधिकारों का हन्न है साथ ही उन्होंने लद्धाख से लेकर वौमडिला तावंग तक के बौद्ध जगत के नेताओं की इस भाषा को मान्यता प्रदान करने की प्रयास की सराहना की । हायरपा ने विषेष तौर से हिमालयन बुदिष्ट कलचर एसोसेशियन एवं राष्ट्रीय अल्पसंख्यक एवं जनजाति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष लामा छोस्पेल जोदपा द्वारा वर्षो से इस भाषा को मान्यता के लिए की गई संर्धषो का व्याखयान किया । उन्होनें सपल लुगर छोक्सपा संस्था के अध्यक्ष नवांग लोटेस व प्रबन्ध निदेषक समफेल के अथक प्रयासों का भी रैली में जिक्र किया । महा बौद्धी सभा के सचिव नवांग उपासक ने कहा कि अविलम्भ भारत सरकार इस भाषा को मान्यता देकर बौद्धों को देष की मुख्य धारा से जोडे । उपासक ने कहा कि भोटी भाषा में काव्य , नाटक , व्याकरण, छनद, ज्योतिष, आयुर्वेद या चिकित्सा विज्ञान, तर्कषास्त्र, प्रमाण शास्त्र दर्षन शास्त्र, कलाषास्त्र एवं तंत्र शास्त्र आदि विविध विषयों का विपुल शास्त्र में उपलब्ध है। ऐसे समृद्व भाषा का अबतक आठवीं सूची में शामिल न करना अत्यन्त खेद पूर्ण है। रैली के पष्चात जिलाधीष लाहौल स्पीति के माध्य्म से भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रीजीजू, प्रदेष के मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक एवं उपाध्यक्ष राष्ट्रीय जनजाति आयोग रवि ठाकुर को ज्ञापन प्रेषित किया गया । इस अवसर पर जिला मुख्यालय के प्रधान ज्ञालछन ठाकुर, दारचा पंचायत के पूर्व प्रधान नवंग, डुग पलजोर संस्था के अध्यक्ष तंजिन शरव, महिला मंडल लोअर केलंग के प्रधान अनिता, महिला मंडल अप्पर केलंग रिगजिन अंगमों, महिला मंडल यूरनाथ के प्रधान लामो, महिला मंडल सितिंगरी के प्रधान छिमेद अंगमों, महिला मंडल कारदंग,बीलिंग, महिला मंडल बरवोग,पसपराग, लपचंग के प्रतिनिधियों के अलावा प्यूकर ग्रामवासी एवं कई संस्थाओं से लोग सैकडों की तदाद में उपस्थित हुए

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