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बिगड़ी तेल की धार बाजार में हाहाकार

7d1-3मुंबई— यूरो जोन में यूनान संकट गहराने और कच्चे तेल के 59 डालर प्रति बैरल के नीचे उतरने से यूरोप, एशियाई बाजारों के साथ ही घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को सुनामी आ गई। इसके चलते बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स में 855 अंक की साढ़े पांच साल की सबसे बड़ी एक दिनी गिरावट के बीच निवेशकों के 2.75 लाख करोड़ रुपए डूब गए। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 251 अंक लुढ़क गया। इससे पहले 6 जुलाई, 2009 को सेंसेक्स में 869.65 अंक की एकदिनी गिरावट दर्ज की गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार को भी कच्चे तेल में गिरावट जारी रही और अमरीकी क्रूड 50 डालर तथा ब्रेंट क्रूड 53 डालर प्रति बैरल के नीचे साढ़े पांच साल से ज्यादा के नए न्यूनतम स्तर पर आ गया। शुरुआती कारोबार में अमरीकी क्रूड 49.32 डालर प्रति बैरल पर आ गया था, जो अप्रैल 2009 के बाद का नया निचला स्तर है। हालांकि बाद में थोड़ा संभलते हुए यह पिछले दिवस की तुलना में 41 सेंट नीचे 49.63 डालर प्रति बैरल पर रहा। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के चलते पूरे सत्र बाजार में बिकवाली जारी रही और सेंसेक्स 27 हजार के मनावैज्ञानिक स्तर से नीचे उतरते हुए 26937.06 अंक को छूने के बाद पिछले सत्र के मुकाबले 3.07 प्रतिशत यानि 854.86 अंक लुढ़ककर 17 दिसंबर, 2014 के बाद के न्यूनतम स्तर 26987.46 अंक पर बंद हुआ। बाजार के औंधे मुंह गिरने से बीएसई में निवेशकों को 275014 करोड़ रुपए की चपत लगी। निफ्टी भी 53 अंक नीचे 8325.30 अंक पर खुलने के बाद बीच सत्र के बाद 8111.35 अंक तक उतर गया। कारोबार की समाप्ति पर पिछले सत्र की तुलना में तीन प्रतिशत यानी 251.05 अंक फिसलकर 17 दिसंबर, 2014 के बाद के निचले स्तर 8127.35 अंक पर आ गया। चौतरफा बिकवाली के बीच सेंसेक्स के सभी 13 समूह गिरावट में रहे। सबसे ज्यादा 4.17 प्रतिशत का नुकसान तेल एवं गैस समूह की कंपनियों को उठाना पड़ा। सेंसेक्स में मुनाफा कमाने वाली इकलौती कंपनी हिंदुस्तान यूनीलिवर (1.89 प्रतिशत) रही। यूरो जोन में यूनान संकट के कारण वहां की मुद्रा यूरो नौ साल में सबसे कमजोर बोली गई। विदेशी शेयर बाजारों में ब्रिटेन का एफटीएसई एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट में शुरुआत करने के बाद 0.63 प्रतिशत नीचे आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट के चलते बाजार में अनिश्चितता का माहौल है और यह वैश्विक आर्थिक संकट की आशंका भी पैदा कर रही है।

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