October 20, 2017

बाल कल्याण समिति का गठन

DSC_4893

नाहन, 29 मार्च-हिमाचल प्रदेश में एचपीवीएचए द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार 20 से 34 वर्ष तक की आयु वर्ग के 59.8 प्रतिशत युवा सिगरेट एवं तंबाकू का सेवन करते है जो कि युवा पीढी के लिए ही नहीं अपितु समाज के लिए भी घातक सिद्ध हो सकता है। यह जानकारी उपायुक्त सिरमौर विकास लाबरू ने आज यहां हि0प्र0 स्वयं सेवी स्वास्थ्य संघ एवं स्वास्थ्य विभाग सिरमौर के संयुक्त तत्वाधान में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद एक्ट 2003 पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित अधिकारियों एवं विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए दी। उपायुक्त ने बताया कि कानून से समाज नहीं बदला जा सकता जिसके लिए मनुष्य की मानसिकता में बदलाव करने से ही उनमें साकारात्मक सोच का सृजन होता है। उन्होने कहा कि सिगरेट एवं तंबाकू का सेवन बच्चे घर में अपने अभिभावको से ही सिखते है और जिससे युवा नशे का शिकार हो जाते है। उन्होने बताया कि बच्चों को सुसंस्कारित करने के लिए अभिभावक एवं अध्यापक को अहम भूमिका निभानी चाहिए जिसके लिए उन्हें घर पर और शिक्षण संस्थानों में भी एक अच्छे वातावरण का सृजन करना चाहिए तभी वह समाज के लिए एक अच्छे नागरिक सिद्ध हो सकते है। उन्होने कहा कि सर्वे के अनुसार 19 प्रतिशत बच्चे स्कूल में और 23 प्रतिशत बच्चे काँलेज स्तर पर धुम्रपान करते है जबकि सरकार द्वारा किसी भी शिक्षण संस्थान से सौ गज के दायरे तक बीडी,सिगरेट तथा तंबाकू बेचने पर प्रतिबन्ध लगाया गया है। उन्होने कहा कि सिगरेट तंबाकू का सेवन करने से जहां व्यक्ति के स्वास्थ्य पर कुप्रभाव पडने से अनेक बिमारियों का शिकार हो जाते है वही पर धुम्रपान करने वाले के साथ रहने वाले व्यक्ति पर भी इसका कुप्रभाव पडता है। उन्होने जानकारी दी कि भारत में 31 प्रतिशत छोटे बच्चे घरों में धुम्रपान का वातावरण होने से कई बिमारियों से ग्रसित हो जाते है। उपायुक्त ने बताया कि कार्यालयों में धुम्रपान रहित वातावरण होना चाहिए और कोटपा के तहत प्रत्येक अधिकारी कार्यालय में धुम्रपान करने वाले कर्मचारी पर 200 रूपये का जुर्माना करने के लिए सक्षम है। इसके अतिरिक्त कोई दुकानदार 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चे को तंबाकू उत्पाद न तो बेच सकता है और न ही 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चे को दुकान पर तंबाकू उत्पाद बेचने के लिए रख सकता है। उन्होने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने कार्यालयों में धुम्रपान निषेध पटिका को प्रदर्शित करना सुनिश्चिित करे और इस अधिनियम का कडाई से पालन किया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होने शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वह बच्चों को किताबी शिक्षा तक ही सीमित न रखकर उन्हें व्यवहारिक ज्ञान दे और प्रात: कालिन सभा में तंबाकू के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दे ताकि युवा पीढी धुम्रपान एवं अन्य नशे का शिकार न हो सके। उन्होने कहा कि जिला में युवा पीढी को तंबाकू एवं अन्य नशे के दुष्प्रभाव के बारे जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा जिसमें युवा मंडल, महिला मंडल तथा स्वयं सेवी संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
स्वयं सेवी संस्था के सलाहकार एवं प्रखयात लेखक श्री निवास जोशी ने संघ द्वारा हि0प्र0 के धुम्रपान मुक्त राज्य बनाने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होने बताया कि संघ के प्रयासों के फलस्वरूप विशेषकर सार्वजनिक स्थान धुम्रपान मुक्त बन गए है। उन्होने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा इस दिशा में सराहनीय कार्य किया गया है और सार्वजनिक स्थानों पर धुम्रपान करने की एवज में पुलिस विभाग द्वारा 50 लाख रूपये तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन लाख रूपये की राशी जुर्माने के रूप में वसूल की गई जिसका उपयोग जागरूकता अभियान के लिए किया जा सकता है। उन्होने बताया कि कोटपा अधिनियम के तहत विभिन्न विभागों के 13 हजार अधिकारियों को जुर्माना करने के लिए प्राधिकृत किया गया है। उन्होने बताया कि कोटपा एक्ट को प्रभावी ढंग से कार्यान्वित करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है जिसमें जिला स्तर पर सीएमओ जबकि खण्ड स्वास्थ्य अधिकारी खण्ड स्तर पर इसके प्रभारी होगे जिसके द्वारा कोटपा के उल्लंघन संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और समिति के सदस्यों को तंबाकू उत्पाद से संबंधित शिकायतों के आधार पर व्यवसायिक परिसरों का निरीक्षण भी किया जानाा चाहिए। बैठक में एसडीएम नाहन ज्योति राणा, सीएमओ डा0 हरमोहिन्द्र सिंह, डीएसपी खजाना राम के अतिरिक्त अन्य अधिकारी तथा स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *