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बारिश : मंडी में भीगा लाखों का धान

default (2)नई दिल्ली : बाहरी दिल्ली स्थित नरेला अनाज मंडी में शुक्रवार को हुई बरसात में एक बार फिर लाखों रुपए का धान भीग गया। अनाज भीगने से किसानों को यह चिंता सता रही है कि अब उन्हें फसल के वाजिब दाम नहीं मिलेंगे। इस घटना से किसानों में काफी रोष है। किसानों की मानें तो पिछले करीब 8 वर्षों से अनाज खुले में ही डाला जा रहा है। हर बार मंडी प्रशासन द्वारा किसानों को कवर्ड सैल्टरों की व्यवस्था का आश्वासन दिया जाता है लेकिन आज तक मंडी में शैड नहीं लगे, जिससे हर बार बारिश के दौरान धान भीग जाता है।

किसानों को हुआ लाखों का नुक्सान : फूड ग्रेन डीलर्स एसोसिएशन के अधिकारियों का कहना है कि किसान अपने धान की फसल की एवज में बेहतर आमदनी की आस लिए मंडी आते हैं  लेकिन मंडी प्रशासन द्वारा बारिश से धान को बचाने की व्यवस्था न होने से किसानों को करोड़ों का नुक्सान हो जाता है। प्रत्येक किसान को प्रति ट्राली पर करीब 10 से 12 हजार रुपए का नुक्सान उठाना पड़ रहा है। हर ट्राली में करीब 70 बोरी धान आता है। इन दिनों औसतन करीब 15 सौ ट्राली धान की आवक हो रही है। हालांकि मंडी में कवर्ड सैल्टरों के संबंध में कई बार पैमाइस भी हो चुकी है लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। कारोबारियों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के चलते बारिश में अनाज की कीमत प्रभावित हो जाती है, जिससे किसानों और आढ़तियों दोनों को नुक्सान उठाना पड़ता है

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