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बदतर हुई जिंदगी: मालिश तो जेल में भी करवा रहे आसाराम, पर तेल में वो महक नहीं (रवि)

 

 

 नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीडऩ के आरोप में यहां सेंट्रल जेल में बंद आसाराम की रिहाई के लिए उनके समर्थकों ने शुक्रवार को पाल स्थित आश्रम में यज्ञ में आहुतियां दीं। अखिल भारतीय योग वेदांत सेवा समिति के उदय ने बताया कि आसाराम की रिहाई और जनकल्याण की भावना से अखंड यज्ञ एवं बरगद की पूजा शुरू की गई है। लेकिन आसाराम की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। शुक्रवार को उनके दो और सेवादार पुलिस की गिरफ्त में आ गए।

उधर, बिहार में मुजफ्फरपुर की अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वो 21 अक्‍टूबर तक आसाराम को अदालत में पेश करे। कोर्ट ने आसाराम को दिल्‍ली गैंगरेप की शिकार लड़की के बारे में अपमानजनक टिप्‍पणी करने के मामले में अदालत में पेश करने का हुक्‍म दिया है। अदालत ने स्‍थानीय अधिवक्‍ता सुधीर ओझा द्वारा बीते आठ जनवरी को दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर यह आदेश दिया है। वहीं, यूपी के सहारनपुर में लोगों ने आसाराम के समर्थकों की जमकर पिटाई की है जो पीडित लड़की का बर्थ सर्टिफिकेट हासिल करने की कोशिश कर रहे थे।

आसाराम के निजी रसोइये प्रकाश और छिंदवाड़ा गुरुकुल के निदेशक शरद ने शुक्रवार की सुबह अदालत में सरेंडर कर दिया। यहां से पुलिस उनको गिरफ्तार कर ले गई। दूसरी ओर छिंदवाड़ा गुरुकुल में गर्ल्‍स हॉस्टल की वार्डन शिल्पी के अग्रिम जमानत आवेदन पर बहस भी अधूरी रही। अब बहस 25 सितंबर को होगी।

आसाराम का अहम राजदार है रसोइया प्रकाश

प्रकाश आसाराम की हर गोपनीय जानकारी रखने वाला शख्स है। आसाराम से मिलने वाले हर शख्स की जानकारी भी उसी को होती है। आसाराम के लिए रसोइये का काम करने वाला प्रकाश ही वह व्यक्ति है जो लोगों के आसाराम से मिलने की अनुमति से लेकर हर व्यक्तिगत काम की जिम्मेदारी संभालता है।

नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीडऩ के इस मामले में पुलिस द्वारा निकाली गई कॉल डिटेल में भी प्रकाश के नंबर शामिल है। पुलिस को अंदेशा है कि उसी के माध्यम से पूरा षडय़ंत्र रचा गया था।

दूसरी ओर, मूलतया हैदराबाद के रहने वाले शरदचंद्र (33) ने आसाराम के अहमदाबाद आश्रम में लंबे समय तक पूरी तरह समर्पित भाव से सेवा की थी। इसी की बदौलत उसे छिंदवाड़ा गुरुकुल का डायरेक्टर बना दिया गया। पुलिस इन दोनों से पूछताछ कर पूरे षडय़ंत्र की गहनता से पड़ताल कर रही है।

प्रकाश व शरद की ओर से गुरुवार को सेशन न्यायालय में अग्रिम जमानत आवेदन पेश किया गया था। बाद में उनके वकील प्रदीप चौधरी ने दोनों के जमानत आवेदन वापस ले लिए थे और दोनों के सरेंडर करने की संभावना जताई थी। जानकारी के अनुसार बुधवार को हाईकोर्ट में आसाराम के जमानत आवेदन पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने शिल्पी सहित प्रकाश व शरद की अग्रिम जमानत के लिए भाग-दौड़ कर रहे अधिवक्ताओं को उनके सरेंडर करवाने की सलाह दी थी, ताकि आसाराम के खिलाफ जल्द ही चार्जशीट पेश हो सके और उसके बाद वे उनकी जमानत के लिए प्रयास कर सकें।

संभवतया इसी कारण से प्रकाश व शरद को सेशन न्यायालय में उनके अधिवक्ता जगमाल सिंह व प्रदीप चौधरी ने लिखित में आवेदन करते हुए सरेंडर करवाया। अदालत में सहायक लोक अभियोजक केशर सिंह के माध्यम से आसाराम मामले की अनुसंधान अधिकारी चंचल मिश्रा को बुलाया गया, उन्होंने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

प्रवचन में खुले आम अकड़ दिखाने वाले आसाराम कोर्ट में जज के सामने जमानत के लिए गिड़गिड़ा चुके हैं। वह करीब 15 दिन से जेल में हैं।

विमान के एग्जिक्यूटिव क्लास में यात्रा। लग्जरी कारों में प्रवचन स्थल तक पहुंचना। दर्जनभर शहरों में कई बीघा के सुविधायुक्त आश्रम। झक सफेद कलफ लगे कपड़े। सिर पर मुकुट और चेहरे पर ललाई। यह 2 सितंबर से पहले के आसाराम थे। आज जोधपुर सेंट्रल जेल में उनका दिन कुछ अलग ही तरह से गुजर रहा है।

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