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बड़ा भंगाल को ‘‘ हर गांव की कहानी ’’ के तहत विकसित किया जाएगा: उपायुक्त

धर्मशाला 13 जुलाई: ‘‘ हर गांव की कहानी ’’ योजना के तहत दूसरे चरण में कांगड़ा जिला के 12 गांवों के ऐतिहासिक महत्व को मद्देनज़र रखते हुए प्रारम्भिक तौर पर चयन किया गया है ताकि इन गांवों की कहांनियों को प्रदेष सरकार को शीघ्र ही आवष्यक कार्रवाई हेतु भेजा जा रहा है।

यह जानकारी उपायुक्त, कांगड़ा, श्री केआर भारती ने आज यहां ‘‘ हर गांव की कहानी ’’ योजना के तहत ऐतिहासिक गांव के चयन हेतु आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।

उन्होंने बताया कि प्रारम्भिक तौर पर जिला के 10 गांवों बड़ा भंगाल, गुलेर, पठियार, बासा-हडयाला, टांडा, बीजापुर, त्रिलोकपुर, कंड-कडियाणा, टल माता, ग्वाल-टिक्कर, डाडासीबा और खारटी का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि इन गांवों में पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं के सृजन पर विषेष बल दिया जाएगा ताकि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।

श्री भारती ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेष सरकार द्वारा ‘‘ होम-स्टे योजना ’’ कार्यान्वित की जा रही है जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपने दो कमरों का पंजीकरण पर्यटन विभाग से करवा सकते हैं जिसपर किसी प्रकार का कोई भी कर नहीं लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ‘‘ हर गांव की कहानी ’’ के तहत चयनित गांव में मूलभूत सुविधाएं मनरेगा एवं राज्य योजना के तहत सृजित की जाएंगी ताकि इन गांवों में भ्रमण पर आए पर्यटकों को गांव की ऐतिहासिकता, संस्कृति, वेषभूषा, परम्पराओं इत्यादि के बारे जानकारी भी मिल सके और गांव के स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त वातावारण में ग्रामीण नैसर्गिक छटा का आनंद ले सकें।

उपायुक्त ने बताया कि जिला के दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल को इस योजना के तहत लाया जाएगा क्योंकि बड़ा भंगाल को रावी नदी का उद्गम स्थल माना जाता है। इसके अतिरिक्त पर्यटक चंबा-होली तथा बैजनाथ, जोगिंद्रनगर, मनाली इत्यादि के रास्ते से टैªकिंग करके धौलाधार की गगनचुंबी पर्वत श्रृंखलाओं तथा इस सुरम्य बड़ा भंगाल घाटी में प्रकृति की नैसर्गिक छटा को नजदीक से अवलोकन करने का अवसर प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त पर्यटक इस क्षेत्र के ग्रामीण परिवेष की संस्कृति, सभ्यता एवं परम्पराओं के बारे जानकारी मिलने के साथ-साथ पारम्परिक व्यंजनों का भी आनंद ले पांएगे।

बैठक में समिति के सदस्य, उप-निदेषक, पर्यटन श्री अष्वनी सूद, जिला लोक सम्पर्क अधिकारी, जिला भाषा अधिकारी, प्रसिद्ध लेखक एवं साहित्यकार श्री गौतम व्यथित और प्रत्यूष गुलेरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया।

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