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बज्रेश्वरी मंदिर में बनने लगी पिंडी

kath-14-1-300x211कांगड़ा —  माता श्री बज्रेश्वरी मंदिर में हर वर्ष की तरह सात दिन आयोजित होने वाले मकर संक्रांति पर्व का बुधवार देर शाम माता की पिंडी पर मक्खन चढ़ाने के साथ ही समापन हो गया। माता की पिंडी को पुजारी वर्ग द्वारा पूजा अर्चना के बाद 15 क्विंटल 26 किलो मक्खन से सजाया गया। जैसे ही पुजारी वर्ग द्वारा इस कार्य को शुरू किया गया तो मंदिर के गर्व गृह में श्रद्धालुओं की  भारी  भीड़ माता के इस रूप के दर्शन करने को पंहुच गई। मकर संक्रांति के पर्व पर मंदिर परिसर में जागरण का आयोजन  भी  किया गया। जागरण का शुभारंभ आयोजक समिति व मंदिर अधिकारी पवन बडियाल तथा ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा ज्योति प्रज्वलित करके किया गया। जागरण में माता का गुणगान करने पहुंचे पंजाब के विख्यात गायक मिनी राजन चंचल द्वारा गणेश वंदना के बाद जागरण में उपस्थित श्रद्धालुओं को माता की भेंटों से  भक्ति रंग में रंग दिया। भले ही जागरण के शुभारंभ में कुछ देरी हुई, लेकिन शाम से मंदिर परिसर में बने जागरण स्थल पर लोगों की  भीड़ लगनी शुरू हो गई। हर कोई समय से ही जागरण में माता का गुणगान सुनने के लिए सुरक्षित जगह की तलाश में था। बुधवार सुबह से मंदिर में श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए थे, लेकिन शाम को जैसे ही माता की पिंडी पर मक्खन चढ़ने की प्रक्रिया शुरू हुई, मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गईं। पूरा दिन बारिश के बाद  भी श्रद्धालुओं के उत्साह में किसी तरह की कमी नहीं आई। पूरा दिन सुबह से लेकर शाम तक मंदिर में चहल-पहल रही।  मंदिर अधिकारी पवन बडियाल ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार लोगों में मकर संक्रांति पर्व को लेकर  भारी उत्साह देखने को मिला। उन्होंने बताया कि माता के मंदिर में चढ़े मक्खन को 20 जनवरी सुबह चार बजे उतारा जाएगा, जिसे बाद में श्रद्धालुओं में प्रसाद के तौर पर बांटा जाएगा। उन्होंने बताया कि मक्खन रूपी इस प्रसाद को श्रद्धालुओं में बांटने के लिए मंदिर में अलग से स्टाल बनाया जाएगा, जहां हर किसी को लाइनों में प्रसाद दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुबह से मंदिर में जहां श्रद्धालुओं की भीड़ रही, वहीं पड़ोसी राज्य से आए कई श्रद्धालुओं द्वारा  भंडारों का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि इस पर्व पर होने वाले  जागरण में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए मंदिर प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है और मंदिर परिसर के साथ मंदिर मार्ग को दुल्हन की तरह सजाया गया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान रात आठ बजे तक मंदिर परिसर में लंगर का आयोजन किया गया और सुबह  भी लोगों को चाय, ब्रैड पकौड़ा, गुलाब जामुन, कॉफी के साथ हलवे का प्रसाद बांटा जाएगा।

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