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प्राथमिक शिक्षक संघ व 16290 संघर्ष मंच की सुंदरनगर में बैठक आयोजित मंच ने शिक्षक संघ को 2000 अध्यापकों के हस्ताक्षरित मांगपत्र भी सौंपा

मंडी, 22 अक्तूबर (पुंछी): राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ वेतन विसंगति से जूझ रहे जेबीटी अध्यापकों को 16290 रुपए का वेतनमान दिए जाने की लड़ाई लड़ेगा। 16290 संघर्ष मंच व पीटीएफ की सामुुहिक बैठक में मंच ने शिक्षक संघ से अपनी मांग पर समर्थन हासिल कर लिया है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ प्रदेश कार्यकारिणी व 16290 मंच के मध्य रावमापा सुंदरनगर के सभागार में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष लाल चंद मेहता प्रदेश सचिव संजय अत्री तथा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व जिला मंडी पीटीएफ प्रधान इंद्र भारदज व अन्य उपस्थित रहे। इस बैठक में 16290 वेतनमान संघर्ष मंच की तरफ से राज्य अध्यक्ष अरुण धीमान, राज्य सचिव राजेश शर्मा, प्रमुख सलाहकार श्माय लाल, मीडिया सलाहकार विनोद कौंडल, अन्य पदाधिकारियों व 2006 के बाद नियमित करीब 500 जेबीटी अध्यापकों ने भी उपस्थिति दर्ज करवाई। इस बैठक में जेबीटी अध्यापकों को न्यूनतम वेतनमान 16290 रुपए दिए जाने पर विस्तार से चरचा की गई। बैठक में एक तरफ जेबीटी अध्यापकों को 4200 ग्रेड पे पर 16290 रुपए न्यूनतम वेतन दिए जाने और दूसरी ओर कुछ जेबीटी अध्यापकों को इस वेतनमान से वंचित रखने पर रोष प्रकट किया गया। मंच के राज्य अध्यक्ष अरुण धीमान ने बताया कि 16290 न्यूनतम वेतनमान की मांग तर्कपूर्ण व न्यायसंगत है। इसे सरकार से मजबूती के साथ उठाया जाए व समस्या का कोई समाधान निकाला जाए। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष लाल चंद मेहता ने भी इस मांग को पूर्णतय जायज करार देते हुए कहा कि इस मांग को तथ्यों व तर्कों के साथ सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती है तबतक पीटीएफ चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के साथ बैठक के समय 16290 वेतनमान संघर्ष मंच के पदाधिकारियों को भी साथ बुलाया जाएगा। मंच के मीडिया सलाहकार विनोद कौंडल ने बताया कि 16290 संघर्श मंच ने राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ को 16290 वेतनमान के संबंध में ज्ञापन व हिमाचल तथा पंजाब सरकार के आदेश पत्रों की प्रतियां और 2000 अध्यापकों का हस्ताक्षरित पत्र भी सौंपा गया।
मंडी, 22 अक्तूबर (पुंछी): आम आदमी पार्टी नें उपमंडलों में जिला एवं सत्र न्यायालय स्तर के सर्किट कोर्ट खुलने का स्वागत किया है। साथ ही पार्टी नें इसी तरह से जिला व पदेश मुख्यालयों में भी हाई कोर्ट और सुपिम कोर्ट स्तर के सर्किट कोर्ट खोले जाने की मांग की है। जिससे कि लोगों का समय और पैसा जाया न हो। पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य देशराज शर्मा नें कहा कि मौजुदा व्यवस्था में हाई कोर्ट और सुपीम कोर्ट में वकील 1 तारीख के लाखों रूपये और निचली अदालतों में हजारों रूपये लेते हैं। जो गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों के लिए मुश्किल है। आज न्यायालयों में बीसीयों साल बाद निर्णय मिलते हैं, न्याय नहीं। आम आदमी पार्टी चाहती है कि न्याय अधिकार के रूप में आम आदमी के दरवाजे पर, उसके गांव और मोहल्ले में मिलना चाहिए। इसके लिए पूरी न्याय व्यवस्था को बदलना पड़ेगा। लिहाजा न्यायपालिका की यह एक अच्छी शुरूआत है।

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