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प्रदेश में स्थापित होंगे बंदर नसबन्दी केन्द्र: जगजीवन

पालमपुर, 6 सितंबर: बंदरों की समस्या से निजात एवं इसके समाधान के लिए प्रदेश में 6 नए नसबन्दी केन्द्र, सिरमौर, चम्बा, मण्डी, सोलन, कांगड़ा तथा बिलासपुर जिला में स्थापित किये जा रहे हैं, ताकि किसानों तथा बागवानों की फसलों को लगातार बंदरों द्वारा पहुंचाये जा रहे नुकशान से बचाया जा सके।
यह जानकारी मुख्य ससंदीय सचिव (सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य) श्री जगजीवन पाल ने शुक्रवार को खैरा तथा भवारना में बंदरों तथा लावारिश पशुओं द्वारा फसलों को किए जा रहे नुकशान की समस्या को लेकर आए विभिन्न प्रतिनिधिमण्डलों को दी। इस अवसर पर लोगों की जनसमस्याओं को भी सुना, जिनमे से अधिकतर का मौके पर ही निपटारा किया गया, तथा शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को शीघ्र निपटारे के आदेश दिए गए।
उन्होंने कहा कि किसानों व बागवानों को बंदरों द्वारा कृषि एवं बागवानी की फसलों को नुकसान एक बड़ी समस्या बन गई है। सरकार बंदरों की समस्या से परिचित है, और इसके समाधान के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जंगलों में आहार इत्यादि की कमी के चलते बंदर वनों से बाहर का रूख कर हैं। इसलिए सरकार द्वारा वनों में फलदार पौधे तथा झाडि़यां उगाने का एक विशेष कार्यक्रम आरम्भ किया गया है। जिससे बंदरों को प्राकृतिक निवास पर ही पर्याप्त आहार मिल सके।
उन्होंने बंदरों की संख्या अधिक प्रभावित क्षेत्र के किसानों से आहवान किया कि लहसुन, अदरक और हल्दी जैसी फसलें, जिन्हें बंदर नुकसान नहीं पहँुचाते हैं, ऐसी फसलों को अधिक उगाया जाये। उन्होंने कृषि वैज्ञनिकों को निर्देश दिए कि बंदरों से प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को ऐसी फसलों को उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
इस अवसर पर ब्लाक कांग्रेस के केएल मेहता, जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष कश्मीर सिंह पटयाल, जिला परिषद सदस्या सवीता भटेडि़या, ब्लाक कांग्रेस के महासचिव राजीव धीमान, युवा कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद समकडि़या, बालकृष्ण चैधरी सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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