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पर्यटकों के लिए सभी मूलभूत सुविधाओं का सृजन किया जाएगा

धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित होगा तप का टिला-विनय
सिरमौर के प्राचीन मंदिरों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए बनेगा
मास्टर प्लान

नाहन 24 अक्तूबर-  मुख्य संसदीय सचिव श्री विनय कुमार ने आज रेणुका में आयोजित
खुला दरबार के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि जमदग्नि ऋषि की तपस्थली 'तप के
टिले Ó को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार
किया जाएगा जिसके अंतर्गत इस स्थल परपर्यटकों के लिए सभी मूलभूत सुविधाओं का
सृजन किया जाएगा ताकि रेणुका तीर्थ स्थल एवं माता भगयाणी मंंदिर हरिपुरधार आने
वाले पर्यटक एवं श्रद्धालु इस  पावन स्थली पर पहुंच कर जमदग्नि ऋषि एवं भगवान
परशुराम का आर्शिवाद प्राप्त करने के साथ-साथ इस सुरम्य धाटी की अनुपम छटा का
आनन्द उठा सके और इस क्षेत्र में पर्यटन को बढावा मिलने से स्थानीय लोगो को
रोजगार के अवसर भी सृजित होगे।
उन्होने कहा कि तप के टिले का संबंध रेणुका झील से जुडा है और स्थानीय लोगों
की तप के टिले में बहुत आस्था व श्रद्धा है। उन्होने कहा कि इस पावन क्षेत्र
को जोडने वाली सडक के सुधार एवं  पक्का करने के लिए आगामी बजट में विशेष
प्रावधान किया जाएगा इसके अतिरिक्त  इस क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा के लिए
होटल, रैस्तरां इत्यादि के निर्माण हेतू निजी क्षेत्र की भागीेदारी सुनिश्चित
करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएगे।
श्री विनय कुमार ने कहा कि रेणुका निर्वाचन क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों क ो
धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए सरकार के साथ मामला प्रभावी ढंग
से उठाया जाएगा ताकि पर्यटन विभाग के द्वारा मास्टर प्लान तैयार करके इस
क्षेत्र में पर्यटको के लिए बेहतर सुविधाएं जुटाई जा सके। उन्होने कहा कि
प्रदेश में अनेक ऐसे अनछुए स्थल है जिन्हें पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने
की आवश्यकता है और सरकार द्वारा भी ग्रामीण पर्यटन को बढावा देने के लिए
विलासिता कर में छुट दी गई है।
मुख्य संसदीय सचिव ने बताया कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन से जोडने के लिए इस
वर्ष एक हजार युवाओं को  टूरिस्ट गाईड तथा 3900 युवाओं को वाहन चलाने का
प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि पर्यटन के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को
स्वरोजगार उपलब्ध हो सके।  उन्होने कहा कि प्रदेश में पर्यटन एक ऐसा क्षेत्र
है जिसमें स्वरोजगार के  सर्वाधिक अवसर विद्यामान है और सरकार द्वारा पर्यटन
को उद्योग के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होने बताया कि गत वर्ष के
दौरान प्रदेश के विभिन्न पर्यटक स्थलों पर डेढ करोड से अधिक पर्यटकों ने भ्रमण
किया क्योंकि हिमाचल शान्ति प्रिय राज्य होने के साथ-साथ यहां की आबोहवा
जलवायु और प्रकृति का अनमोल खजाना विद्यमान है जिस कारण प्रदेश में पर्यटक
निर्भय होकर भ्रमण करते है।
इस अवसर पर उन्होने लोगो की समस्याओं को भी सुना और अधिकांश का निपटारा मौके
पर ही किया गया।
इस अवसर पर एसडीएम संगडाह श्री हरबंस नेगी के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के
अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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