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पंचायत प्रधान बाग नर्बदा के खिलाफ बहु ने लगायी सीएम से गुहार। कहा सीएम साहब इंसाफ दिला दो।

राजधानी शिमला से संचालित होने वाले ‘‘ सिटी चैनल ‘‘ पर चलने वाले तहकीकात क्राइम शो पर प्रसारित ‘‘आॅपरेशनल जाल में जालसाज़‘‘ में जिस महिला के दर्द को दिखाया गया था। पूरी दुनियां के सामने उस महिला और उसके दर्द का बयान करने के मकसद से प्रेस कलब शिमला में दिनांक 16.09.2013 को समाजिक कार्यकर्ता जया शर्मा द्वारा पत्रकारों को संबोधित किया गया।
इस पत्रकार वार्ता में जहां जया शर्मा ने पुष्पा के साथ हुए अत्याचार और शोषण को मीडिया के सामने रखा तो वहीं दूसरी तरफ खुद पुष्पा पहली बार मीडिया के सामने खुल कर आई और अपने साथ हुये अन्याय को सबके सामने रखा।
महिला समाजिक कार्यकर्ता जया शर्मा ने कहा कि भले ही पुलिस प्रशासन और सरकार महिलाओं पर होने वाले अपराधों को रोकने के लिय बड़े बड़े दावे करने से नहीं थकते हो लेकिन हकीकत कुछ और ही है। आज भी समाज में महिलाओं पर अत्याचार बेरोकटोक जारी है, जिसकी जीती जागती तस्वीर है पुष्पा।
जया शर्मा आगे कहती है कि हैरानी की बात है कि जो महिला खुद पंचायत प्रधान होकर लोगों का प्रतिनिधित्व करती हो उसी ने अपनी बहु को आज उस रास्ते में लाकर खड़ा कर दिया जहां महिला के पास सिवायें आत्महत्या के दूसरा कोई भी रास्ता नहीं बचता, आखिर वो महिला गुहार लगाये तो किससे पुलिस पहली बात तो सुनती नहीं अगर सुनती है तो कार्रवाई करती नहीं ऐसे में एक महिला किस के दरवाजे पर दस्तक दें।
जया शर्मा कहती है कि 12 दिसंवर 2006 को पुष्पा वर्मा जो स्थायीरूप से तहसील: सुन्नी, पंचायत: करयाली गांवः साल की रहने वाली, का विवाह बाग पंचायत कि महिला प्रधान नर्बदा के बडे़ बेटे जसपाल के साथ हुआ था। जिस दिन से शादी हुई उसी दिन से हर रोज़ पुष्पा पर अत्याचार होना शुरू हो गया। शुरूआत पहले पति ने की तो सास को तो जैसे मौके की पहले से तलाश थी। रोज़ – रोज़ के ताने, गाली – गलोच, मारपीट, और पति की अयाशी से तंग आकर पुष्पा कई बार सुन्नी पुलिस चैकी सुन्नी भी पहुंची।
पहली बार समझोता तो हो गया लेकिन जुल्म ढ़हाने का सिलसिला बेरोकटोक जारी रहा, पुलिस भी हाथ पर हाथ धरे बैठी रही तो पुलिस थाना ढ़ली में दहेज़ मांगने का मामला दर्ज किया गया। वर्तमान में मामला कोर्ट में चल रहा है।
कोर्ट में दहेज का मामला चलने के बाद भी बिना किसी परवाह के और अपनी दबंगयी को दिखाने के लिए पंचायत प्रधान नर्बदा ने अपने बेटे जसपाल का दूसरा विवाह जिला: कुल्लू, तहसील: आनी के अंर्तगत आने वाले लोट पंचायत के गांव गौरा में चुपचाप बड़े शातीर अंदाज में करवाया। ये विवाह एक सोची समझी साजि़श ते तहत किया गया।
जिस ऊना नाम की लड़की को पंचायत प्रधान अपने घर घरेलु नौकर बना कर लायी थी, उससे ही अपने बड़े बेटे जसपाल की शादी करवा दी। इसमे किसी तरह का कोई शक नहीं कि जसपाल और ऊना के बीच प्रेम -प्रसंग था लेकिन ऊना को इस बात का पता नहीं था कि जसपाल पहले से शादीशुदा है।
ये हकीकत कभी सामने नहीं आ पाती अगर ‘‘ सिटी चैनल के ख़ोजी पत्रकार ‘‘ संजीव शर्मा ‘‘ ने नहीं खोज़ी होती। दरअसल पंचायत प्रधान नर्बदा के घर पर उनके छोटे बेटे यशपाल की शादी थी जिसमें ऊना उर्फ अनु ने बड़ी बहु की सारी रस्में तो निभायी ही जसपाल के साथ भी खूब तस्वीरें खिंचावाई यही नहीं परिवारिक समूह तस्वीरें भी इस शादी समारोह में ली गयी थी जो सबसे बड़ी गवाह है।
ये ही नहीं ख़बर यहां तक है कि जैसे ही सिटी चैनल ने इस ख़बर की जांच पड़ताल की तो ऊना उर्फ अनु का आॅबोशन तक करवाया गया, ये सब सिर्फ कानून के बचने के लिये किया गया।
सिटी चैनल के ख़ोजी पत्रकार संजीव शर्मा ने अपने कार्यक्रम में इस बात का भी जिक्र किया है कि पंचायत प्रधान के दबाव में आकर जिस सिलाई सेंटर में अनु सिलाई सीखने जाती थी, वहां पर उसका नाम और उसके बेटे का नाम दर्ज था लेकिन कानून के शिकंजे में जसपाल ना फंसे इस लिये समय रहते उस रिकोर्ड को भी नष्ट कर दिया गया।
जया शर्मा ने आगे बताया कि एसपी शिमला के दखलअंदाजी के बाद पुलिस की जांच में थोड़ी सी तेज़ी तो आई लेकिन जांच अधिकारियों पर पंचायत प्रधान का दबदबा अभी भी कायम है। मामला सीधा कोर्ट से जुड़ा हुआ है इस लिये इस मामले की जांच एस.आई.टी या फिर सी.बी.सी.आई.डी से करवाई जाये साथ ही पंचायत प्रधान की हकीकत ज़माने के सामने आ सके।
जया शर्मा ने कहा कि पंचायत प्रधान बार – बार सीएम के नाम पर लोगों और पुलिस को ना धमकायें क्योंकि सरकार और पुलिस महिलाओं पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ है थी और रहेगी फिर भी वो पुष्पा वर्मा के साथ तब तक है जब तक वो कानूनी लड़ाई नहीं जीत जाती,
जया शर्मा ने राज्य सरकार से मांग की है कि वो तुरंत प्रभाव के साथ ही जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक महिला पंचायत प्रधान को उसके पद से हटा दें ताकि पुष्पा वर्मा को इंसाफ मिल सकें और उस लड़की को भी इंसाफ मिल सके जो पंचायत प्रधान के बेटे के झूठे झांसे में आकर फंस गयी और आज वो भी पंचायत प्रधान के दबाव में आकर उसकी ही भाषा बोल रही है।
वहीं पुष्पा ने कहा कि वो कभी मीडिया के सामने नहीं आना चाहती थी क्योंकि किसी भी कीमत पर अपना मुंह बंद रखने के लिए उसे अपने ससुराल वालों से बराबर धमकी मिलती रहीं है। पुष्पा ने कहा कि मेरे दगाबाज पति ने मेरी जि़ंदगी को तो नर्क जैसा बना ही दिया है, ऊना के जि़न्दगी को भी तबाह कर दिया है।
पुष्पा वर्मा कहती है कि उसकी आखि़री उम्मीद कोर्ट और मीडिया से है, जिनसे मुझे इंसाफ मिलने की उम्मीद पहले भी थी आज भी है लेकिन मेरी सास और पति ने मेरे खिलाफ तो साजि़श रची ही, कोर्ट और पुलिस को भी गुमराह किया और अपने बेटे जसपाल की फिर से शादी रचायी मुझे तो जीते जी मार डाला है, लेकिन अगर अभी भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही तो एक और जि़न्दगी बर्बाद हो जायेगी ठीक मेरी तरह।
पुष्पा वर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अभी भी उसे जान से मारने की धमकी बराबर मिल रही है, अपने 4 साल के बेटे के साथ आखिर वो जायें भी तो कहां अगर वो अपने मायके का साथ लेती है, तो सुन्नी तहसील पर अपनी सेवा देने वाले कुछ प्रशासनिक लोगों से परिवार वालों को भी बेवजह तंग करवा रही है।
पुष्पा ने मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश वीरभद्र सिंह से गुहार लगायी है कि उसे इंसाफ दिलाया जाये।

 

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