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नशे की लत में डूब रहा युवा

nasha(शेखर कुमार, काँगड़ा)   अगर बात युवा वर्ग की है तो इस पर ध्यान देना बहुत ही जरूरी है क्योंकि आज हमारे देश का युवा वर्ग नशे की लत में डूब चूका है। वह नशा जो युवाओं को बर्बादी तथा बर्बादी भी ऐसी जिसका अन्त समाप्ति का है, उसकी लत का आदि हो चुका है। इतना ही नहीं वह अपनी छोटी सी खेलने की उम्र में नशे का सेवन कर रहा है और बढ़ती उम्र का तो पता ही नहीं है। किस तरह से अपनी जवानी को नशे की लत में डूबा रहा है और शायद इसके बारे में कहा नहीं जा सकता। हमारी आज की युवा पीढ़ी एक छोटे से प्राइमरी स्कूल से लेकर एक बड़े स्तर के कालेजों तक का समय तय करने में नशे का सहारा ले रहा है। दूसरी ओर कहा जाए तो इन शिक्षण संस्थानों के हर दूसरे तीसरे कदम के आगे नशे बेचने वाले कारोबारी हैं जो युवाओं को नशे के आदि बना रहे है। इसी बजह से आज युवा पढ़ाई की महत्वकांक्षा को भूल कर नशे को महत्व दे रहा है। हमारा युवा वर्ग बुरा नहीं है अगर बुरा है तो वह है नशा। अगर नशा ही नहीं होगा तो हमारा युवा वर्ग किस चीज का नशा करेगा। अगर नशे की जड़ को ही मिटा दिया जाए तो युवाओं को नशे का आदि नहीं होना पड़ेगा। बिड़ी, सिगरेट, गुटखा, शराब तथा अन्य ऐसे नशीले पदार्थ हैं, जिनका सेवन रोज युवा करता है। अगर इन नशे के पदार्थों को मिटा दिया जाए तो हमारा युवा इन सब चीजों से मुक्त हो सकता है। साथ ही युवा इनका सेवन करके न जाने कितनी बिमारियों को जन्म दे रहा है। अन्त में अगर युवा को बचाना है, तो नशे को मिटाना होगा।

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