October 21, 2017

नल-बल्ब ठीक करके शेफाली ने कमाए 1 करोड़

default (7)नई दिल्ली: एक मार्केटिंग कंपनी में प्रॉजेक्ट मैनेजर के तौर पर काम करने वाली शेफाली ने नट-बल्ब ठीक कर एक करोड़ रुपए कमाए। दरअसल, दिल्ली की स्टार्ट-अप ने होम यूटिलिटीज की रिपेयरिंग और मेनटिनेंस को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के काम को बिजनस बनाने में कामयाबी हासिल की है। शेफाली अग्रवाल के लिए यह कारोबारी सफर आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि वर्किंग वुमन होने के चलते मेरे लिए टूटे नलठीक करना और घर में ऐसे ही अन्य कामों के लिए किसी को खोजना काफी मुश्किल था। मैं अकेली रहती थी। इस वजह से सेफ्टी का मुद्दा भी था। शेफाली ने ईजीफिक्स के साथ इसी से जुड़ा बिजनस भी शुरू कर दिया। उन्होंने 2011 में ईजीफिक्स की शुरुआत की, जो फोन कॉल पर इलेक्ट्रिकल, प्लंबिंग और कारपेंटरी सर्विसेज देती है। 29 वर्षीय शेफाली आईबीएस गुडग़ांव से मैनेजमेंट की डिग्री ले चुकी हैं। वह ईजीफिक्स की सीईओ भी हैं। उन्होंने कंपनी शुरू करने के लिए अपने पूर्व सहयोगी संदीप होलानी को पार्टनर बनाया। होलानी रिटेल मार्केटिंग कंपनी चलाते हैं। उन्होंने इस वेंचर में 70 लाख रुपए का इनवेस्टमेंट किया। उनकी कंपनी ईजीफिक्स का आईटी, अकाउंटिंग, एचआर और एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़ा काम देखती है। ईजीफिक्स की सर्विस लेने के लिए कस्टमर्स को केवल एक कॉल करनी होती है। इसके बाद कंपनी सुबह नौ से रात नौ बजे के बीच कस्टमर की सुविधा के अनुसार सर्विसमैन भेजती है। कंपनी बेसिक विजिटिंग चार्ज के तौर पर 250 रुपये लेती है। शेफाली ने बताया कि कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर से अपना ऑपरेशन शुरू किया था। अब इसने अपनी सर्विसेज बेंगलुरु में भी लॉन्च कर दी है। ऑपरेशन के पहले साल (2011-12) में कंपनी का रेवेन्यू लगभग 45 लाख रुपए रहा था। यह 2013-14 में बढ़कर एक करोड़ रुपए तक पहुंच गया। कंपनी के स्टाफ की संख्या भी पांच से बढ़कर अब 34 हो गई है। इसने अभी तक करीब 2500 सर्विसमेन को ट्रेनिंग दी है। इसके पास रोजाना के ओॅपरेशन के लिए लगभग 300 सर्विसमेन हैं। शेफाली ने कहा कि हमें बिजनस में शुरुआत में उतरने का फायदा मिला और हमारे पास देश में सर्विसमेन का सबसे बड़ा नेटवर्क है।

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *