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ध्राणू में बने रेनशैड की हालत खस्ता

सिहुंता,16 सितम्बर   बीते वर्ष घुमंतू पशुपालकों के लिए सरकार ने एक तोहफा देकर 3 लाख 15 हजार रुपए से सार्वजनिक वर्षालय बनाया गया जिसका श्रेय वर्तमान में नेता वर्ग भरपूर तरीके से जनता में आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए ले रहे हैं कि ऊपरी धारों में अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए क्या-क्या किया है परंतु ऐसी सरकार की अनुपूरक ढांचागत विकास की पोल पंजाब में खोली जा रही है कि धन व्यय होना और उसके उपयोग में कितना अंतर होता है। सैकड़ों घुमंतू परिवारों की सुविधा के लिए ध्राणू धार में 30-40 फुट का शैड बीते वर्ष निॢमत किया गया था जिस पर 7 जनवरी की भारी बर्फ गिरने के कारण यह शैड धराशायी हो गया था। कुल मिलाकर इससे बनने के बाद उपयोग हुआ ही नहीं, सडक़ मार्ग से करीब 15 किलोमीटर दूर बनने वाले शैड के लिए मात्र 3 लाख की धनराशि से सरकारी मानक पर बने इस भवन के गिरने से कई सवाल अवश्य पैदा हुए हैं। वहीं वर्तमान में इस भवन पर केवल लोहे के एंगल ही देखने को मिल रहे हैं। यहां लगे 68 टीन के पत्तों को यहां के अस्थाई बाङ्क्षशदे बरत रहे हैं।

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