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धर्मशाला में होगा किडनी का इलाज

default (11)धर्मशाला: किडनी की गंभीर बीमारियों, किडनी के फेल हो जाने, डायलासिस तथा किडनी से संबंधित अन्य बीमारियों का इलाज अब जोनल अस्पताल में हो सकेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने चंडीगढ़ की एक निजी कंपनी के साथ एक एमओयू साइन किया है जिसके तहत कंपनी जोनल अस्पताल में अत्याधुनिक उपकरणों से लैस लैब स्थापित करेगी। निजी कंपनी से हुए करार के अनुसार 31 मार्च से पहले यह सुविधा धर्मशाला अस्पताल में शुरू कर दी जाएगी। जोनल अस्पताल के अतिरिक्त यह सुविधा जोनल अस्पताल मंडी व सोलन में भी शुरू की जा रही है। इससे पूर्व किडनी से संबंधित किसी भी बीमारी का इलाज हिमाचल में आईजीएमसी शिमला और पीजीआई चंडीगढ़ में ही संभव था। हालांकि प्रदेश के कई निजी अस्पतालों में किडनी की बीमारी का इलाज उपलब्ध था परन्तु किडनी के इलाज व विभिन्न टैस्टों में आने वाला खर्च आम आदमी की पहुंच से दूर था।

निजी अस्पताल में लगते हैं 8 से 10 हजार रुपए निजी अस्पतालों में किडनी के इलाज व अन्य टैस्टों में आने वाला खर्च 8 से 10 हजार रुपए या इससे भी अधिक होता है परंतु जोनल अस्पताल में आम आदमी को निजी अस्पतालों में आने वाला खर्च वहन नहीं करना पड़ेगा और किडनी की बीमारी का इलाज मात्र 1100 से 1500 रुपए के बीच धर्मशाला में ही हो जाएगा।

शिमला व चंडीगढ़ जाने से मिलेगी निजात इसके अतिरिक्त आम जनता को शिमला व पीजीआई चंडीगढ़ के चक्करों से भी निजात मिल जाएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जोनल अस्पताल में निजी कंपनी के लिए अस्पताल की तीसरी मंजिल में स्थान चयनित कर दिया गया है और 31 मार्च के भीतर कंपनी अपने उपकरणों को अस्पताल में स्थापित कर देगी जिससे गरीब लोगों को सरकारी अस्पताल में ही इस सुविधा का लाभ मिल पाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा बीएम गुप्ता ने बताया कि किडनी से संबंधित विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए चंडीगढ़ की एक निजी कंपनी से करार किया गया है और 31 मार्च से पहले किडनी से संबंधित बीमारियों का इलाज शुरू कर दिया जाएगा। जोनल अस्पताल ने कंपनी के सैटअप के लिए स्थान भी चयनित कर लिया है।

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