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धमकियों से डरने वाला नहीं

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नालागढ़ — मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि उन्हें राजनीति में 52 साल का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने किसी के सम्मान व मर्यादा के खिलाफ कुछ नहीं बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल के लगाए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विरोधी व्यक्तिगत आरोपों के बजाय विपक्ष की भूमिका बखूबी ढंग से निभाएं। उन्होंने कहा कि वीरभद्र धमकियों से डरने वाले नहीं है और विपक्ष धमकियां देना छोड़ दें। यह बात उन्होंने नालागढ़ में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि उनका जीवना सफेद चादर की तरह है और उनका जीवन खुली किताब है। उन्होंने कहा कि वह खानाबदोश परिवार से नहीं है, अपितु वह राजघराने से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने आरोप जड़ा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और एक कार्यकाल में वह नेता प्रतिपक्ष थे और दूसरे कार्यकाल में वह केंद्र में मंत्री थे, लेकिन इन दोनों ही बार पूर्व मुख्यमंत्री ने उनके खिलाफ बिना साक्ष्य के मामले दर्ज करवाए, जिसका उन्होंने सामना किया और उससे पाक साफ होकर वह बाहर आए है। उन्होंने प्रो. धूमल को प्रवृत्ति से तानाशाह बताया और कहा कि भाजपा में और भी नेता है, लेकिन वह अपनी मर्यादा को नहीं भूलते है, जिनका वह स मान भी करते है। उन्होंने कहा कि शांता कुमार एक शालीन नेता है, जिनका वह सम्मान करते है और उनकी लड़ाई उनसे सिर्फ राजनीतिक है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि धूमल को राजनीति में नहीं, अपितु थानेदार होना चाहिए था, क्योंकि उनका तानाशाही रवैया रहा है। उन्होंने कहा कि आज चार्जशीट पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन जो निर्दोष है, उन्हें डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि नरेंद्र ठाकुर भाजपा के थे और भाजपा में वापस चले गए। उन्होंने कहा कि उनके पिता स्व. जगदेव चंद की आत्मा को बहुत दुख पहुंचा होगा, क्योंकि धूमल ने उनका भी उत्पीड़न किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें पूरा सम्मान दिया था और दो बार टिकट देकर चुनाव में उतारा था। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री, उनके दो पुत्रों व अरुण जेटली पर मानहानि का दावा किया है, जिसके लिए वह तैयार रहें। उन्होंने कहा कि बिना संघर्ष के कुछ हासिल नहीं होता है और हिमाचल कांग्रेस का फोक्स वर्तमान में चारों सीटों पर है। उन्होंने कहा कि सभी सीटें कांग्रेस के लिए महत्त्वपूर्ण हैं और सभी जगह प्रचार-प्रसार और पार्टी नीतियों से रू-ब-रू करवाते हुए कांग्रेस को मजबूत किया जाएगा, ताकि सभी सीटें कांग्रेस की झोली में आए और केंद्र में यूपीए-3 रिपीट हो सके।

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