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तर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक मण्डी में आयोजित , सांसद श्रीमती प्रतिभा सिंह ने की अध्यक्षता

मंडी 7 सितम्बर (पूंछी ) सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आज उपायुक्त कार्यालय के समिति कक्ष में आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता सांसद श्रीमती प्रतिभा सिंह ने की । इस बैठक में मण्डी संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिलाधिकारियों व अन्यों विकास से संबंधित अधिकारियों के साथ सांसद निधि से विभिन्न कार्यो के लिए स्वीकृत धनराशि व्यय व विकास कार्यो की प्रगति की चर्चा की गई । बैठक में चम्बा, शिमला, किन्नौर, लाहौल-स्पिति, कुल्लू तथा मण्डी के अधिकारियों ने भाग लिया ।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए श्रीमती प्रतिभा सिंह ने कहा कि सांसद निधि से निर्मित किए जाने वाले विकास कार्यो व योजनाओं का निर्माण कार्य धनराशि की स्वीकृति के तुरन्त बाद आरंभ कर दिया जाना चाहिए ताकि उन विकास कार्यो को समय अवधि के अंदर पूर्ण कर लोगों को लाभान्वित किया जा सके । उनहोंने कहा कि शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण न होने से निर्माण कार्य की लागत बढ सकती है ।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2009-10 से अब तक सांसद निधि से मण्डी संसदीय क्षेत्र के तहत 810 योजनाओं के लिए 14 करोड 78 लाख रूपये स्वीकृत किए गए जिसमें से 228 विकास योजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं जिस पर 3 करोड 57 लाख रूपये व्यय किए गए हैं । उन्होंने बताया कि 14वीं लोकसभा के समय 2660 कार्यो में से 2451 विकास कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं जिन पर 22 करोड 69 लाख रूपये की राशि खर्च की गई । उन्होंने कहा कि उपायुक्त मण्डी सांसद निधि के माध्यम से निर्मित किए जाने वाली योजनाओं को मानीटर कर रहे हैं । उन्होंने बताया कि सांसद निधि से सामुदायिक भवन, सडकें, पेयजल योजनाएं, पक्के रास्ते, स्कूल भवन, महिला व युवक मंडल भवन इत्यादि निर्मित किए जा रहे है ।
श्रीमती प्रतिभा सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 23 दिसम्बर 1993 को एमपी लैड की घोषणा की गई थी तथा वर्ष 1993-94 में यह स्कीम लॉच की गई तथा इस योजना के तहत प्रति सांसद 5लाख रूपये प्रति वर्ष व्यय करने के लिए एमपी लैड के लिए निर्धारित किए गए । उन्होंने बताया कि वर्ष 1994-95 में एमपी लैड की राशि एक करोड रूपये प्रति सांसद प्रतिवर्ष निर्धारित की गई जबकि वर्तमान में यह राशि 5 करोड रूपये निर्धारित है ।
उन्होंने कहा कि धनराशि का सदुपयोग होना चाहिए तथा विकास कार्यो में गुणवता का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि जितने भी विकास कार्य व योजनाएं निर्माणधीन/प्रगति पर हैं, उनका कार्य दो माह के भीतर पूर्ण कर उपयोगिता प्रमाण पत्र उपायुक्त मंडी को प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने कहा कि काफी वर्षो से लम्बित विकास कार्य जिनका निर्माण कार्य अभी आरंभ ही नहीं हुआ है, उन कार्यो के लिए स्वीकृत राशि वापिस की जाए ताकि उस धनराशि को अन्य विकास कार्यो में प्रयोग किया जा सके । उन्होंने कहा कि जो विकास कार्य व योजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं, उन योजनाओं के स्थान पर योजना के पूर्ण विवरण के बोर्ड स्थापित करके इस संबंध में की गई कार्यवाही से उपायुक्त मंडी को सूचित किया जाए ।
उन्होंने कहा कि एमपी लैड से स्वीकृत राशि जिस विकास कार्य या योजना के लिए व्यय की जानी है, उस के लिए भूमि का चयन कार्य आरंभ करने से पहले कर लिया जाना चाहिए जो भी औपचारिकताएं हों, उन्हें कार्य आरंभ करने से पहले पूर्ण कर लिया जाना ताकि विकास कार्यो को पूर्ण करने में किसी प्रकार का विलम्ब न हो ।

उपायुक्त मंडी श्री देवेश कुमार ने एमपी लैड की बैठक करने के लिए सांसद श्रीमती प्रतिभा सिंह का स्वागत व धन्यवाद किया तथा उन्हें आश्वास्त किया कि जो भी दिशानिर्देश सांसद निधि के तहत आवंटित बजट को व्यय करने के लिए दिए गए हैं, उन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया जायेगा।
बैठक में मुख्य संसदीय सचिव श्री सोहन लाल ठाकुर, अध्यक्ष जिला परिषद मंडी श्री खीरामणी, उपायुक्त कुल्लू श्री राकेश कवंर, उपायुक्त किन्नौर कैप्टन जे$एम$ पठानिया, अतिरिक्त उपायुक्त चम्बा श्री संदीप कुमार, मंडी श्री गोपाल चंद, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, शिमला श्री डीके रतन, मंडी श्री पंकज राय सहित मंडी संसदीय क्षेत्र के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे ।

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