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टीकाकरण के बाद 2 बच्चियों की हालत खराब

tikaशिमला: प्रदेश में टीकाकरण के कारण 2 बच्चियों की हालत खराब होने का मामला सामने आया है। दोनों ही बच्चियां आईजीएमसी में जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं। बच्चियों के तीमारदारों ने साफ तौर पर कहा है कि बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम के तहत लगाए गए टीके ने उनकी बच्चियों की जिंदगी को दाव पर लगा दिया है। इन मामलों ने टीकाकरण की प्रक्रिया पर कहीं न कहीं सवाल खड़ा कर दिया है। एक मामले में बिलासपुर की 5 वर्षीय बच्ची सानिया जिंदगी और मौत से आईसीयू में जूझ रही है और दूसरी सोलन की 6 वर्षीय तनु की कूल्हे के जोड़ में इंफैक्शन होने के कारण 2 आप्रेशन के बाद भी हालत नाजुक है। तनु के पिता नजीर ने बताया कि 2 माह पूर्व लगाए गए टीके से उसकी बच्ची को पहले तो टांग में दर्द हुआ और जब चलने में दिक्कत आई तो उसे सोलन में दिखाया गया। इस दौरान उसके कूल्हे के जोड़ में पस पड़ गई। इस दौरान वहां पर भी उसका आप्रेशन हुआ और जब वह ठीक नहीं हुई तो उसे आईजीएमसी रैफर कर दिया गया। इसके बाद अब आईजीएमसी में भी आप्रेशन हुआ है लेकिन अभी भी पस पड़ रही है और वह दाखिल है। उधर, बिलासपुर की 5 वर्षीय सानिया को भी स्कूली बच्चों को लगाया जाने वाला टीका लगाया गया है। सानिया के परिजनों ने बताया कि टीका लगाने के बाद उसके शरीर में सूजन आ गई है और वह आईसीयू में दाखिल है। सानिया के परिजनों ने तो साफ तौर पर कहा है कि उनकी बच्ची के उपचार का खर्च अस्पताल प्रशासन उठाए जिसके कारण यह सब हुआ है। इन 2 मामलों के आने और परिजनों द्वारा सवाल उठाए जाने पर आखिर सारे मामले की जांच की आवश्यकता हो गई है।

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