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जानिए क्यों, 7.5 करोड़ की नौकरी छोड़ साध्वी बन गई निशा?

2015_1image_12_45_1345439944702_dddd-llरांची: 7.5 करोड़ रुपए वार्षिक कमाई करने वाली 27 साल की निशा कपासी दुनिया की मोह-माया त्याग कर रविवार को जैन साध्वी बन गई है। इसके साथ ही उनकी पूरी शख्सीयत बदल गई। अब लोग उन्हें साध्वी श्री संवेगप्रज्ञा श्रीजी के रूप में जानेंगे। निशा अब पूरी जिंदगी भिक्षा मांगकर भोजन करेंगी। बिना चप्पल जीवनभर चलेंगी। हर दूरी पैदल ही तय करेंगी। जीवनभर जैन धर्म की रक्षा व अनुपालन करेंगी। निशा का भव्य दीक्षा समारोह हुआ। इस समारोह में उनके पिता मनोज भाई, मां, भाई, रिश्तेदार सहित 100 से अधिक अमेरिका से आए लोग इसमें शामिल हुए। सभी कार्यक्रम आचार्य विजय कीर्तियश सुरीश्वर जी महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुए।  निशा के संन्यास लेने की घोषणा के बाद से न्यूयॉर्क, शिकागो, लंदन समेत कई स्थानों पर स्वागत समारोह हुए। इनमें निशा ने नश्वर शरीर, भौतिक व सांसारिक सुख पर दिल को झकझोरने वाले वक्तव्य दिए। निशा को शुरू से स्वदेश पसंद था। भारतीय मूल की युवती निशा के पिता प्रसिद्ध कोच फैक्ट्री रूबी के मालिक है। उन्होंने बेटी के इस कठिन फैसले का स्वागत किया, और संन्यासी बनने को मंजूरी दी। निशा अमेरिका में जन्मीं, लेकिन शिक्षा भारत में पूरी की। फिर न्यूयॉर्क चली गईं। वहां फैशन डिजाइनर बनीं। चार साल से एक लाख डॉलर यानी करीब 63 लाख रुपए मासिक वेतन पर काम कर रही थीं। इसके बाद वह न्यूयॉर्क और इटली में फैशन डिजाइनर में करीब 7.5 करोड़ रुपए वार्षिक कमाई करने लगी। कुछ साल से निशा लगातार भारत आकर धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने लगीं। छह माह से वे साध्वी प्रशमिताश्री जी के सान्निध्य में कठोर साध्वी जीवन का अभ्यास कर रही थीं। मानसिक-शारीरिक तौर पर तैयार होने पन उन्होंने दीक्षा ग्रहण करने की इच्छा जताई। उनका मुंडन कराया गया है। अब आजीवन श्वेत वस्त्र धारण करेंगी, और जीवनभर कठोर जिंदगी व्यतीत करेंगी।

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