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चंबा जिले में विकसित हां आयुर्वेदिक मेडिसनल प्लांट: उपमन्यु

चंबा: 24 सितम्बर 2013 (गुरमीत नागपाल)
हिमालय बचाओ अभियान समिति के संयोजक एवं पर्यावरणविद् कुलभूषण उपमन्यु ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से आग्रह किया है कि राज्य में आयुर्वेदिक मेडिसनल प्लांट को विकसित करने में जिला के भटियात खंड को भी शामिल किया जाना चाहिए।
कुलभूषण उपमन्यु ने कहा कि भटियात क्षेत्र में सैकड़ों हर्ब्स की परंपरागत कृषि एवं पैदावार हुआ करती थी, जिससे रियासतकाल में वैद्य रोगियों का इलाज किया करते थे। इनमें इंद्रजौ, ज्योतिषमति, बृहद-पंचमूल, लघु पंचमूल, भृंगराज, पुनर्नवा, बला, संसपोड़, वरयां, बसूटी, निर्गुण्डी, एरंड, रति, शालपर्णी तथा मुदगपर्णी के अलावा अश्वगंधा, चित्रकमूल, जंगली गेंदा, एलोवेरा, तुलसी, हरड़, बेहड़ा व आंवला आदि प्रचूर मात्रा में उत्पादित किया जा सकता है। यद्यपि लैमन-ग्रास व मैंथा इत्यादि की भी बड़े स्तर पर कृषि की संभावना विद्यमान है। उपमन्यु ने मांग की है कि नैसर्गिक अवस्था में उगने वाली प्रत्येक वन औषधि का संरक्षण होना चाहिए, ताकि पर्यावरण की शुद्धि एवं संतुलन कायम रहे। उन्होंने कहा कि भटियात क्षेत्र में उत्पादित औषधीय पौधों को फार्मेसी तक पहुंचाने से पूर्व सेवी प्रॉसेसिंग यूनिट स्थापित करने की जरूरत है।
हजारों बीघा कृषि योग्य भूमि बंदरों की मार से खाली छोड़नी पड़ रही है। यदि जनहित योजनाओं का प्रारूप तैयार करके आम किसान को जोड़ा जाए या प्रोत्साहित किया जाए तो प्रदेश की दवा कंपनियों को गुणवत्तायुक्त उत्पादन की दिशा में निश्चित रूप से यह अच्छी पहल होगी। उपमन्यु ने विश्वास जताया कि ऐसा प्रॉजेक्ट आने से प्रदेश जहां हर्ब्स प्रांत के रूप में उभरेगा वहीं बेरोजगारी पर अंकुश लगेगा

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