October 21, 2017

गोरखा समुदाय का कल्याण सुनिश्चित बना रही है सरकारः श्री वीरभद्र सिंह

मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांगड़ा जिला के धर्मशाला के समीप दाड़ी में संग्रहालय व गोरखा समुदाय भवन निर्माण के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सेवाएं उपलब्ध करवाने के अतिरिक्त यह संग्रहालय गोरखा समुदाय की समृद्ध संस्कृति व विरासत का संरक्षण सुनिश्चित बनाएगा।
मुख्यमंत्री आज धर्मशाला स्थित प्रयास भवन में 13वीं राज्य स्तरीय गोरखा कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि गोरखा समुदाय बहादुरी व शौर्य के लिए जाना जाता है। उन्होंने गोरखा समुदाय के महान शहीदों को देश के लिए दिए गए बलिदान के लिए याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है।
श्री वीरभद्र सिंह ने भाषा एवं संस्कृति विभाग को धर्मशाला के निकट तोतारानी में स्वर्गीय मित्र सेन थापा संग्रहालय के बचे कार्य को पूरा करने के लिए शेष धनराशि उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गोरखा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में शामिल किया गया है और उन्हें प्रथम व द्वितीय श्रेणी की सीधी भर्ती में 12 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जा रहा है, जबकि तृतीय तथा चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में 18 प्रतिशत का आरक्षण प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के लोगों को और अधिक सरकारी नौकरियां उपलब्ध करवाई जा रही हैं और विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रदेश सरकार ने क्रिमिलेयर श्रेणी के लोगों की वार्षिक आय सीमा को 4.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में संतुलित व तीव्र विकास सुनिश्चित बना रही है ताकि सभी समुदायों व क्षेत्रों को समान अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गत दो वर्षों के दौरान बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार अवसर प्रदान करने के लिए अनेक कदम उठाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने शहरी विकास विभाग को धर्मशाला के टीहरा लाईन में भू-स्खलन प्रभावित परिवारों को स्थायी घर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब हिमाचल प्रदेश में फुटबाॅल अकादमी आरम्भ की जाएगी, तो वह धर्मशाला में ही खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार फुटबाॅल के साथ-साथ वाॅलीबाॅल को भी प्रोत्साहित करेगी, क्योंकि इन खेलों के लिए अन्य खेलों के मुकाबले
छोटे मैदानों की जरूरत होती है। पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ. वाई.एस. परमार के समय में वाॅलीबाल को राज्य खेल घोषित किया गया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गोरखा लोगों के वार्षिक खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध करवाएगी।
श्री वीरभद्र सिंह ने चाॅंदमाड़ी गांव के सड़क निर्माण का मामला सेना के अधिकारियों से उठाने के निर्देश दिए, ताकि इस गांव को सड़क सुविधा से जोड़ा जा सके। उन्होंने स्वर्गीय मास्टर मित्र सेन थापा म्यूजियम सड़क को पक्का करने के लिए 12 लाख रुपये उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के पुलिस विभाग में सिपाही भर्ती में गोरखा समुदाय के युवाओं को कद और सीने की चैड़ाई में पहले ही दो ईंच की छूट प्रदान की गई है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को गोरखा समुदाय के लिये उप-जाति प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए, जिससे वे सेना भर्ती में गोरखा समुदाय के लिये मिलने वाले लाभ को प्राप्त कर सकें। उन्होंने चम्बा जिले के ककीरा में गोरखा भवन के निर्माण के लिये वन विभाग के अधिकारियों को सात बिस्वा भूमि पर वन स्वीकृति प्रदान करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र भूमिहीन गोरखा परिवार सम्बन्धित उपायुक्त के पास गृह निर्माण के लिये ग्रामीण क्षेत्र में तीन बिस्वा भूमि और शहरी क्षेत्र में दो बिस्वा भूमि के लिये आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 30 वर्षों से अधिक समय से प्रदेश में रह रहे लोग गृह निर्माण के लिये 150 वर्गमीटर से 500 वर्गमीटर तक भूमि प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि गोरखा कल्याण बोर्ड की अगली बैठक शिमला में आयोजित की जायेगी।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने गोरखा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल किया है और वे विभिन्न योजनाओं में लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा वर्तमान वित्त वर्ष में विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत 298 करोड़ रुपये जबकि अनुसूचित जाति उप येाजना के अन्तर्गत 1015 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं।
शहरी विकास एवं नगर नियोजन मंत्री श्री सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री का दाड़ी में संग्रहालय और सामुदायिक केन्द्र के निर्माण के लिये धन उपलब्ध करवाने के लिये आभार व्यक्त किया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अजय मित्तल ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
वन मंत्री श्री ठाकुर सिंह भरमौरी, वन विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री केवल सिंह पठानिया, मुख्य सचिव श्री पी. मित्रा, गोरखा कल्याण बोर्ड के सरकारी व गैर सरकारी सदस्य भी बैठक में उपस्थित थे।

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