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गैर कानूनी खनन पर अब सजा और जुर्माना : मुकेश

धर्मशाला, खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए राज्य सरकार के नए प्रावधानों के अन्तर्गत अवैध खनन करने वालों को अब जुर्माने के साथ ही सजा भी काटनी पड़ सकती है। इस सम्बन्ध में आज मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में धर्मशाला में हुई कैबिनेट की बैठक में सन 1971 के बने नियमों को समाप्त करते हुए नए नियमों को हरी झंडी दी गई है। यह जानकारी उद्योग एवं सूचना व जन सम्पर्क मंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री ने यहां आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए दी। उन्होंने कहा कि नए नियमों के मुताबिक गैरकानूनी खनन के काम में लगने वालों ट्रकों को जब्त करने के अलावा दो साल की सजा का भी प्रावधान है। अवैध खनन को अपराध की श्रेणी में रखते हुए सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि अवैध खनन करने वाले ट्रकों को पच्चीस टन तक माल होने की दशा में दस हजार रुपए का जुर्माना लगेगा और माल ज्यादा हुआ तो प्रति टन 400 रुपए की
दर से जुर्माने की रकम वसूली जाएगी। पूर्व व्यवस्था के अनुसार अब तक माइनिंग अफसर को अपनी मर्जी के लिहाज से जुर्माना करने का अधिकार था। मगर अब यह राशि तय होने से उनके अधिकार को खत्म कर दिया गया है। अब उन्हें तय जुर्माना करना ही पडे़गा। दूसरी दफा अगर यही ट्रक पकडे़ जाते हैं तो जुर्माने की रकम 25 हजार हो जाएगी। तीसरी दफा ट्रक जब्त कर लिया जाएगा और इस जुर्माने का फैसला अदालत से ही होगा। उन्होंने बताया कि अभी तक जो क्रशर्स बिना विभागीय अनुमति के चल रहे हैं उन पर शिकंजा कसने की पूर्ण व्यवस्था कर ली गई है। बिना पंजीकरण चलने वाले क्रशरों पर 50 हजार का जुर्माना तो होगा ही साथ ही इसके दोषियों को एक साल की जेल का भी भुगतनी पडे़गी। उद्योग मंत्री ने बताया कि नए नियमों के चलते अब कोई भी खनन पानी की योजनाआंे (पेयजल और सिंचाई) के 200 से 800 मीटर के दायरे में खनन नहीं कर सकेगा। इसी तरह अब राष्ट्रीय राजमार्ग से 100 मीटर, राज्य मार्ग से २५ मीटर तो ग्रामीण सड़कों से दस मीटर दूरी पर करना होगा। उन्होंने बताया कि अब खनन के लिए जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसकी जगह अब अस्सी हॉर्स पावर की मशीन ही काम कर सकेगी और इसके लिए सरकार के पास दो लाख रुपए की प्रतिभूति जमा करवानी होगी। प्रेस वार्ता में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आरडी धीमान, विभाग के निदेशक राजेन्द्र ठाकुर, विभागीय सलाहकार राजेन्द्र चौहान विशेष रूप से उपस्थित थे।

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