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खून के प्यासे नेपाली

शिमला, प्रदेश की राजधानी शिमला में नेपाली खूनी खेल खेल रहे हैं। नेपाली दोहरे व तिहरे हत्याकांड को अंजाम दे रहे हैं। नेपाली हत्याकांड की वारदातों से जिला में दहशत फैल रही है। शिमला में दो साल में 13 नेपालियों को मौत के घाट उतारा जा चुका है। नेपाली ही नेपाली की जान के दुश्मन बनकर उनकी हत्या कर रहे हैं। नेपाली के कत्ल की वारदातों पर नजर दौड़ाएं तो नेपालियों के कत्ल का सिलसिला 18 जनवरी, 2013 को कोटखाई के चनयार गांव से शुरू हुआ। यहां पर नेपाली बेटे ने अपने ही मां-बाप का बेरहमी से कत्ल कर दिया। इस दोहरे हत्याकांड में मां-बाप को काट-काटकर उनके टुकड़े कर दिए गए थे। शवों को टुकड़ों में काटकर कमरों में ही छिपाकर रखा था। दोहरे हत्याकांड के कत्ल की इस वारदात को नेपाली दंपति मन बहादुर व पार्वती के बेटे (22)पप्पू ने ही अंजाम दिया था। इस दोहरे हत्याकांड को दराट से काटकर अंजाम दिया गया था। नेपालियों के खून की होली खेलने का यह तांडव अभी थमा भी नहीं था कि इसी वर्ष शिमला के रझाणा में एक और नेपाली को पे्रम प्रसंग के चलते उसकी बीवी व आशिक ने ही मौत के घाट उतार दिया। नीरू खतरी नाम नेपाली का चुनरी से गला घोंटकर उसके शव को जंगल में कब्र खोदकर गाड़ दिया गया। पुलिस ने कब्र खोदकर नेपाली के शव को निकालकर हत्या की यह पहेली सुलझा तो दी, लेकिन अभी भी कब्र में दफनाए गए इस नेपाली का असली कातिल पुलिस की पहुंच से बाहर है। वर्ष 2013 में ही 14 जनवरी को नेरवा में नेपाली ने सुदेश चौहान का बेहरमी से कत्ल किया। इसके बाद ठियोग की केलवी पंचायत में भी मनोहर लाल को मौत के घाट उतारा गया। नेपालियों के हत्याकांड की बात करें तो वर्ष 2014 में 11 जुलाई को जुब्बल के छाजपुर में नेपाली ने दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। नेपाली कृष्ण चंद ने अपने मालिक की पत्नी व उसके बेटे का बेहरमी से कत्ल कर दिया। मां और बेटे को कुल्हाड़ी से काट कर मौत के घाट उतार दिया गया। जुब्बल के जराशली में 14 जुलाई को नेपाली ने तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। यहां पर नेपाली ने अपनी बीवी व दो बच्चों को मौत के घाट उतार दिया। 29 दिसंबर, 2014 को शिमला के लांगवुड में नेपाली ने ही नेपाली युवक का कत्ल कर डाला। नेपाली युवक की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है और न ही कातिल पकड़ा गया है। लांगवुड में ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री भी प्रेम प्रसंग का कारण बताया जा रहा है, क्योंकि नेपाली युवक के गुप्तांग पर पत्थरों से प्रहार करने के बाद उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस न तो कातिल को पकड़ पाई है और न ही मृतक युवक की पहचान कर पाई है। लांगवुड में नेपाली युवक के कत्ल के बाद 20 जनवरी को आईएसबीटी के समीप फिर नेपाली ने हत्याकांड को अंजाम दिया। यहां पर एक युवक का सिर कलम कर उसे धड़ से अलग कर दिया गया।

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