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कोई भी बच्चा सही शिक्षा तब तक प्राप्त नहीं कर सकता, जब तक उसमें अपने शिक्षक के प्रति अतंरमन से आदरभाव न हो:शर्मा

मंडी, 4 सितम्बर (पुंछी) :अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं परिवार कल्याण संघ ने शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों, छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए इस बात पर जोर डाला है कि किसी भी राष्ट्र व समाज के उत्थान के लिए एक अच्छी शिक्षा का होना अति आवश्यक है यद्यपि आज देश में शिाक्षा पर बहुत अधिक बल दिया जा रहा है लेकिन एक गुणात्मक शिक्षा के लिए गुरू-शिष्य परम्परा का स्वरूप अति महत्व रखता है। अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं परिवार कल्याण संघ के राष्ट्रीय महासचिव के.सी.शर्मा ने केन्द्र की यू.पी.ए. सरकार द्वारा बाल-मजदूरी समाप्त कर शिक्षा का अधिकार बनाने का फैसला को प्रशसनीय करार दिया। उन्होने कहा कि कोई भी बच्चा सही शिक्षा तब तक प्राप्त नहीं कर सकता, जब तक उसमें अपने शिक्षक के प्रति अतंरमन से आदरभाव न हो। इसी प्रकार शिक्षकों का भी काफी उतरदायित्व बनता है। एक अच्छी शिक्षा समाज से बुराईयों को दुर कर सकती है। उन्होने कहा कि देश को जो$डने के लिए समुचे देश में एक ही स्लैबस – एक समान शिक्षा होनी चाहिए, अन्यथा क्षेत्रवाद को ब$ढावा मिलता है। इस दिशा में केन्द्र सरकार ने जो कदम उठाये हैं वे अति सराहनीय है। शिक्षा वास्तव में जीवन के मुल्यों के प्रति जागरूकता पैदा करती है और देश भक्ति की भावना भी प्रबल करती है। सरकारी स्कूलों में अच्छे वेतन के बावजूद निराशाजनक परिणाम दिये जाने पर भी शिक्षकों का दायित्व निश्चित किया जाये और ऐसे शिक्षकों को घर के पास तैनात नही किया जाये। उन्होने कहा कि आज नीजि क्षेत्र शिक्षा के क्षेत्र में आगे ब$ढ कर आये हैं लेकिन जो क्वालीफाईड शिक्षक होते हैं, उन्हें बहुत ही कम वेतन मिलता है। आज इस बात की आवश्यकता है कि केन्द्र सरकार अध्यापकों के लिए न्यूनतम वेतन कानून लाने हेतू राज्य सरकारों से विचार विमर्श के बाद कानून लाये और नीजि शिक्षक संस्थानों पर शीघ्र लागू किया जाए। इसके साथ, नीजि षिक्षा सस्थानों में मनमानी फीसें लेने पर प्रतिबंध लगाया जाये। इसके साथ ही संघ ने शिक्षा संस्थानों में रूसा लागू करने का स्वागत करते हुए कहा कि देश व प्रदेशों में तकनीकी शिक्षा को डिग्री कॉलेजों से ज्यादा प्राथमिकता दी जाये और मांग की है कि फेस-वाईज डिग्री कॉलेजों को तकनीकी शिाक्षण संस्थानों में परिवर्तित किये जाये। इससे जहां देष में तकनीकी विकास होगा, वहीं एकेडेमिक षिक्षा की गुणवता भी सुधरेगी और बेराजगारी ब$ढने से रूकेगी। इससे ज्वाहर लाल नेहरू के समय का देष अच्छे संस्कारों व सदभावना का प्रतीक बनेगा, जैसा कि राहुल गांधी स्वतंत्रता सेनानियों की तरह केवल लक्ष्य (विकास) की बात और एक अच्छे लोकतंत्र में देश भक्ति की भावना को रखते हुए काम कर रहें हैं। संघ ने भारत के पूर्व राश्ट्रपति डा. राधाकृश्णन की जयंती पर भी अपने श्रद्घासुमन अर्पित किये क्योंकि उनके जन्मदिन को ही शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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