October 20, 2017

केजरीवाल और संसद आमने-सामने!

नई दिल्‍ली. सांसदों के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्‍पणी के मामले में अन्‍ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने आज लिखित जवाब दिया। केजरीवाल ने सज्जन सिंह वर्मा के विशेषाधिकार हनन नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि उनके दिल में संसद के प्रति बेहद सम्‍मान है और उन्‍होंने सांसदों के लिए कुछ भी अपमानजनक नहीं कहा है। सांसद सज्जन वर्मा ने केजरीवाल के उस बयान पर नोटिस भेजा था, जिसमें उन्होंने सांसदों को गुंडा और बलात्कारी कहा था।
अरविंद केजरीवाल ने ने जवाब में कहा कि वह ऐसी संस्था का सम्मान कैसे कर सकते हैं, जिसके सदस्य आपराधिक पृष्ठभूमि के सांसद हैं। केजरीवाल ने अपने जवाब में कहा है कि संसद की गरिमा कम करने के लिए सभी पार्टियां जिम्मेदार हैं क्योंकि संसद में आपराधिक पृष्ठभूमि के 162 सांसद घुस गए हैं। एक समय संसद थी, जहां लाल बहादुर शास्त्री ने ट्रेन दुर्घटना के बाद इस्तीफा (रेल मंत्री के पद से) दिया था। मैं ऐसी संसद के लिए सब कुछ कुर्बान कर सकता हूं, लेकिन आज की संसद का मैं कैसे सम्मान कर सकता हूं।
केजरीवाल ने कहा, ‘मेरा मानना है कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है। मैं संसद और कुछ सांसदों का सम्‍मान करता हूं। लेकिन संसद में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्‍हें लोग अपने घर बुलाने से भी कतराएं। ऐसे सांसदों ने खुद ही संसद का अपमान किया है।’  टीम अन्ना के अन्य सदस्य प्रशांत भूषण ने सांसदों के विशेषाधिकार नोटिस पर कहा कि सांसद विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का दुरुपयोग कर रहे हैं। यह अधिकार सांसदों को जनता से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए दिया गया है।

इस बीच,  अरविंद केजरीवाल के जवाब पर राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने टीम अन्‍ना पर निशाना साधा है। मुलायम ने आरोप लगाया है कि टीम अन्‍ना ‘अपराधियों की जमात’ है। मुलायम ने टीम अन्‍ना के बारे में कहा, ‘असली अपराधियों का अड्डा यह है।’  वहीं, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने कहा, ‘वह बौखलाए हुए हैं। हमें इस बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए कि वे क्या कह रहे हैं। वे कुछ दिनों में पागल हो जाएंगे।’
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क्या आप केजरीवाल के जवाब से संतुष्ट हैं? क्या आप लालू-मुलायम की भाषा से सहमत हैं? अपनी राय संतुलित शब्दों में जाहिर करें।

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